Last updated: March 27th, 2026 at 08:32 am

बिहार के औरंगाबाद जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। हसपुरा थाना क्षेत्र के इटवा पंचायत के खुटहन गांव में एक युवक ने रिश्तों की सारी मर्यादाएं तोड़ते हुए अपने ही तीन मासूम भतीजे-भतीजी को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
खून से लथपथ मिला कमरा, तीनों बच्चों की दर्दनाक मौत
18 साल का अमंत पाल दरिंदगी की सारी हदें पार कर गया। उसने आयुष (7), अनीष (10) और अनुष्का (5) का गला धारदार हथियार से रेत दिया। वारदात इतनी खौफनाक थी कि कमरे में हर तरफ खून ही खून फैला हुआ था। तीनों मासूम एक ही कमरे में पड़े थे, बेबस, लाचार और हमेशा के लिए खामोश।
दरवाजा बंद, अंदर मौत का खेल
हैवानियत की इंतहा देखिए, आरोपी ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया और बच्चों की चीखें दबाने के लिए तेज म्यूजिक चला दिया। बाहर किसी को भनक तक नहीं लगी कि अंदर मौत का नंगा नाच चल रहा है।
मां की चीख और खुला खौफनाक राज
बच्चों की मां अनीता देवी जब नहा रही थीं, तभी उन्हें बच्चों के रोने की आवाज सुनाई दी। दरवाजा बंद देख शक हुआ। जब शोर मचाया गया और ग्रामीण वेंटिलेटर के जरिए अंदर पहुंचे, तो सामने जो मंजर था, उसने सबको सन्न कर दिया।
खुद पर भी किया हमला, हालत नाजुक
वारदात के बाद अमंत ने खुद का भी गला काट लिया। खून से लथपथ हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। उसकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
क्रूरता की हद, हथियार भी टूट गया
कमरे में एक इलेक्ट्रिक कटर टूटा हुआ मिला है। माना जा रहा है कि उसी से हमला किया गया। वार इतनी बेरहमी से किए गए कि ब्लेड तक टूट गया। ये इस घटना की बर्बरता को साफ दिखाता है।
आखिर क्यों बना हैवान?
फिलहाल हत्या की वजह साफ नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी नशे का आदी था। पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है, लेकिन इस सवाल का जवाब अब भी बाकी है, आखिर किस बात ने एक चाचा को इतना निर्दयी बना दिया?
गांव में सन्नाटा, हर आंख नम
पूरे गांव में मातम पसरा है। हर कोई सदमे में है। मासूम बच्चों की इस निर्मम हत्या ने लोगों के दिलों में डर और गुस्सा दोनों भर दिया है। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि रिश्तों और इंसानियत की हत्या है।
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