Last updated: May 20th, 2026 at 07:12 am

पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर उपचुनाव से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान द्वारा चुनावी मैदान से हटने के फैसले ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
भाजपा ने कसा तंज
भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने जहांगीर खान के फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि जो नेता खुद को अडिग बताते थे, वे अब पीछे हट रहे हैं। उन्होंने इस बहाने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा।
‘पुष्पा’ बयान फिर चर्चा में
दरअसल, चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर खान ने खुद की तुलना फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार से करते हुए कहा था कि वह झुकेंगे नहीं। इसके बाद उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा में रहा था। हालांकि अब चुनावी मैदान छोड़ने के फैसले के बाद विपक्ष इस मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोल रहा है।
विकास और शांति का दिया हवाला
जहांगीर खान ने चुनाव से हटने की घोषणा करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास और शांति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार की ओर से इलाके के विकास के लिए विशेष योजनाओं का आश्वासन दिया गया है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
फलता उपचुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल काफी गर्म था। अब उम्मीदवार के अचानक पीछे हटने से चुनावी समीकरणों पर भी असर पड़ने की चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर सिर्फ उपचुनाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में बंगाल की राजनीति में भी इसका प्रभाव दिखाई दे सकता है।
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