Last updated: February 10th, 2026 at 07:24 am

देहरादून। हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेला-2027 को लेकर उत्तराखंड सरकार ने तैयारियों को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कुंभ से जुड़े सभी कार्यों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कुंभ क्षेत्र में स्थित सभी पुलों का तकनीकी ऑडिट कराया जाए, ताकि किसी भी तरह की संरचनात्मक कमजोरी पहले ही दूर की जा सके। इसके साथ ही हरिद्वार के सभी घाटों का सौंदर्यीकरण और आवश्यकता के अनुसार पुनर्निर्माण करने के निर्देश दिए गए हैं।
अक्टूबर तक पूरे हों सभी कार्य
सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कुंभ मेले से जुड़े सभी निर्माण और व्यवस्थागत कार्य अक्टूबर माह तक अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि कुंभ से संबंधित कोई भी फाइल या परियोजना शासन स्तर पर लंबित नहीं रहनी चाहिए। लापरवाही की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
स्वच्छता, सुरक्षा और तकनीक पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र की स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त संख्या में शौचालय, पेयजल और साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, जल पुलिस की तैनाती के साथ-साथ ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक निगरानी तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया।
भीड़ प्रबंधन और अतिक्रमण पर सख्ती
भीड़ नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था, पार्किंग और यातायात प्रबंधन के लिए अलग से विस्तृत योजना बनाई जाए। उन्होंने मेला क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।
तकनीकी स्टाफ और स्वास्थ्य सेवाओं के निर्देश
सीएम धामी ने लोक निर्माण विभाग के सचिव को निर्देश दिए कि कुंभ मेला क्षेत्र के लिए तकनीकी पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति 24 घंटे के भीतर की जाए। साथ ही टेंट सिटी, आवास व्यवस्था, अस्थायी अस्पताल, एंबुलेंस और मोबाइल मेडिकल टीमों की तैनाती समय से पूरी करने को कहा।
अन्य राज्यों से समन्वय जरूरी
मुख्यमंत्री ने वन विभाग से जुड़े मामलों में शीघ्र अनुमति लेने और कुंभ से संबंधित कार्यों में अन्य राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कुंभ केवल आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, इसलिए इसका सफल और सुरक्षित आयोजन सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि कुंभ मेला-2027 में आने वाला हर श्रद्धालु उत्तराखंड से सुखद, सुरक्षित और यादगार अनुभव लेकर लौटेगा।
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