Last updated: March 15th, 2026 at 03:06 pm

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इस बार राज्य में केवल दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव इतने कम चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। चुनाव आयोग के अनुसार राज्य में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। अगर पिछले चुनावों पर नजर डालें तो 2011 तक पश्चिम बंगाल में कम से कम पांच चरणों में मतदान होता रहा है। वहीं 2021 के विधानसभा चुनाव में राज्य में आठ चरणों में वोटिंग कराई गई थी। पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं और यहां 2011 से तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी की सरकार है।
विपक्षी दलों ने की थी चरण कम करने की मांग
बताया जा रहा है कि इस बार केवल दो चरणों में चुनाव कराने के फैसले के पीछे विपक्षी दलों की मांग भी एक अहम कारण है। 9 मार्च को चुनाव आयोग के साथ हुई बैठक में कई विपक्षी दलों ने कम चरणों में चुनाव कराने की अपील की थी। भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया था कि चुनाव एक चरण में या अधिकतम दो चरणों में कराया जाए। भाजपा का कहना था कि छह सप्ताह तक सात या आठ चरणों में चुनाव कराना उचित नहीं है।
हिंसा-मुक्त चुनाव की मांग
भाजपा ने चुनाव आयोग से राज्य में शांतिपूर्ण और हिंसा-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने की भी मांग की। पार्टी ने आयोग को 16 बिंदुओं का ज्ञापन सौंपते हुए सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई चिंताएं उठाईं। वहीं, सीपीआई (एम) ने भी चुनाव एक ही चरण में कराने की मांग रखी थी। पार्टी का कहना था कि अधिक चरणों में मतदान होने से विभिन्न क्षेत्रों के असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ सकती है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
अन्य राज्यों के चुनाव कार्यक्रम भी घोषित
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के साथ-साथ केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का भी ऐलान किया है। चुनाव आयोग के अनुसार तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की कुल 824 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और हिंसा-मुक्त बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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