Last updated: March 29th, 2026 at 07:41 am

पटना | विशेष रिपोर्ट
बिहार की सियासत में आज बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ रहा है। नितिन नवीन रविवार को बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने जा रहे हैं। यह कदम उनके हालिया राजनीतिक उत्थान के बाद उठाया जा रहा है, जिसने राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक हलचल तेज कर दी है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बड़ी कार्रवाई
हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए नितिन नवीन अब पूरी तरह राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने जा रहे हैं। इसी के साथ उन्हें राज्यसभा का सदस्य भी चुना गया है, जिसके चलते विधायक पद छोड़ना अनिवार्य हो गया है।
बांकीपुर सीट खाली, उपचुनाव तय
लगातार पांच बार बांकीपुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने वाले नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद अब यह सीट खाली हो जाएगी। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, यहां जल्द ही उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। इस सीट को लेकर सभी प्रमुख दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
मंत्री रहते हुए विकास पर दिया जोर
बिहार सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान Nitin Nabin ने पथ निर्माण और नगर विकास जैसे अहम विभागों का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में सड़क निर्माण, शहरी विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के कई बड़े फैसले लिए गए। राज्य में सड़कों के विस्तार, कनेक्टिविटी सुधार और शहरी योजनाओं को लागू करने में उनकी भूमिका अहम रही। कई जिलों में विकास परियोजनाओं को गति मिली, जिससे उनका प्रशासनिक रिकॉर्ड मजबूत माना जाता है।
संगठन में मजबूत पकड़, शीर्ष नेतृत्व का भरोसा
नितिन नवीन लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय रहे हैं और उन्हें एक भरोसेमंद नेता के तौर पर देखा जाता है। संगठन और सरकार दोनों में संतुलन बनाए रखने की उनकी क्षमता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है। विधानसभा से इस्तीफा और राज्यसभा में एंट्री सिर्फ औपचारिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह एक बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका में उतार चुकी है, जिसका असर आने वाले समय में बिहार की राजनीति पर भी साफ दिखाई दे सकता है।
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