Last updated: April 6th, 2026 at 04:50 am

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी बीच भाजपा नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी उन्हें जिम्मेदारी देती है, तो वह इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह संगठन के फैसले का सम्मान करेंगे और जरूरत पड़ने पर राज्य की कमान संभालने से पीछे नहीं हटेंगे। बातचीत के दौरान उनका रुख काफी सख्त और आक्रामक नजर आया।
ममता सरकार पर तीखा हमला
मिथुन चक्रवर्ती ने राज्य की मौजूदा सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की नीतियां सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हैं और हालात धीरे-धीरे बिगड़ते जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक निष्पक्षता कमजोर पड़ चुकी है और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं दिखती। खासतौर पर घुसपैठ और सीमाई सुरक्षा जैसे विषयों पर उन्होंने सरकार को घेरा।
सुरक्षा और सामाजिक संतुलन पर उठाए सवाल
मिथुन ने दावा किया कि अगर इस बार सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ, तो राज्य में सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि केवल उन तत्वों का विरोध करती है जो कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनते हैं।
इसके अलावा उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की कमी है, जबकि संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो रहा।
चुनाव नहीं लड़ने का फैसला
मिथुन चक्रवर्ती ने यह भी स्पष्ट किया कि वह खुद चुनाव मैदान में उतरने की योजना नहीं बना रहे हैं। उनका मानना है कि किसी एक सीट से चुनाव लड़ने के बजाय पूरे राज्य में प्रचार करना ज्यादा प्रभावी होगा।
पूरे राज्य में प्रचार पर फोकस
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों से संवाद करना और भाजपा के पक्ष में माहौल बनाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार जनता बदलाव के पक्ष में मतदान करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला चुनाव के बाद पार्टी नेतृत्व ही करेगा।
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