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गाय की रक्षा के लिए धर्म अभियान का ऐलान, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का आंदोलन ऐसे पहुंचेगा लखनऊ

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग को लेकर “धर्म अभियान” शुरू
Avimukteshwaranand

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग को लेकर “धर्म अभियान” शुरू करने का आह्वान किया है। यह आंदोलन सनातन संस्कृति और गौ संरक्षण के समर्थन में चलाया जा रहा है। यह अभियान आज शुक्रवार से शुरू हो रहा है और 10 मार्च तक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचने की संभावना जताई गई है।

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    गौ संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे इस धर्म अभियान के कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। इसमें गौमाता की सुरक्षा और उन्हें राष्ट्र माता घोषित करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। साथ ही शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश सरकार से यह भी आग्रह किया है कि सबसे पहले राज्य में गाय को “राज्य माता” घोषित किया जाए।

    11 मार्च को लखनऊ में होगा बड़ा कार्यक्रम

    यह अभियान आज से शुरू होकर 10 मार्च तक लखनऊ पहुंच सकता है। इसके बाद 11 मार्च से राजधानी में इस आंदोलन का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस धर्म अभियान की शुरुआत के अवसर पर आज शाम 5 बजे वाराणसी के श्रीशंकराचार्य घाट पर गो-ब्राह्मण प्रतिपालक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती भी मनाई जाएगी।

    कार्यक्रम के मुताबिक, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार 7 मार्च को सुल्तानपुर पहुंचेंगे और जौनपुर का भी दौरा करेंगे। सुल्तानपुर में वह जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह रायबरेली जाएंगे, जहां लोगों से संवाद करेंगे और सभा को संबोधित करने के बाद वहीं रात्रि विश्राम करेंगे।

    मोहनलालगंज और उन्नाव में भी करेंगे जनसंवाद

    रविवार 8 मार्च को शंकराचार्य अपने सहयोगियों के साथ मोहनलालगंज से होते हुए लालगंज और अचलगंज पहुंचेंगे। इन स्थानों पर भी वह लोगों से मुलाकात करेंगे और सभाओं को संबोधित करते हुए उन्नाव के लिए रवाना होंगे। उन्नाव में भी एक जनसभा आयोजित की जाएगी और वहीं रात में विश्राम किया जाएगा।

    सोमवार 9 मार्च को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बांगरमऊ और बघोली में सभाओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह नैमिषारण्य पहुंचेंगे, जहां भी एक सभा होगी और रात्रि विश्राम भी वहीं किया जाएगा।

    10 मार्च को सिंधौली और इजौटा में कार्यक्रम करने के बाद उनका काफिला लखनऊ पहुंचेगा। इसके अगले दिन 11 मार्च को दोपहर 2 बजे कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर पहुंचकर गौ संरक्षण के इस धर्म अभियान का औपचारिक शंखनाद किया जाएगा।

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