Last updated: April 4th, 2026 at 01:55 pm

उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख फार्मास्यूटिकल निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (जेएनपीए) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ है। इस साझेदारी का उद्देश्य ललितपुर फार्मा पार्क को सीधे वैश्विक निर्यात हब के रूप में विकसित करना है, जिससे उत्तर भारत के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सीधा जुड़ाव मिलेगा।
मल्टीमोडल नेटवर्क: तेज़ रफ्तार, कम खर्च
इस समझौते की सबसे बड़ी विशेषता इसका मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क है। दादरी-खुर्जा रेल लिंक के माध्यम से ललितपुर फार्मा पार्क को पश्चिमी और पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC और EDFC) से जोड़ा जाएगा। इससे दवाओं का परिवहन सुरक्षित, तेज़ और किफायती तरीके से देश के सबसे बड़े कंटेनर पोर्ट जेएनपीए तक हो सकेगा। जेएनपीए के 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों से जुड़े होने का सीधा लाभ अब यूपी के निर्यातकों को मिलेगा।
सीएम योगी का विजन: निवेश और रोजगार में बढ़ोतरी
यूपीसीडा के सीईओ विजय किरण आनंद के अनुसार, यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को साकार करती है, जिसमें प्रदेश को फार्मा उत्पादन में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाना शामिल है। इस साझेदारी से न केवल तैयार उत्पादों का निर्यात आसान होगा, बल्कि कच्चे माल के आयात में भी सुविधा मिलेगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और प्रदेश विदेशी निवेश के लिए आकर्षक बनेगा।
मजबूत सप्लाई चेन और बेहतर कारोबार माहौल
यह एमओयू केवल परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि फार्मा सेक्टर के अनुरूप तकनीकी और संचालन सहयोग भी सुनिश्चित करेगा। इससे उद्योगों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और पूरी सप्लाई चेन मजबूत होगी। औद्योगिक कॉरिडोर के पास स्थित ललितपुर फार्मा पार्क अब वैश्विक शिपिंग रूट्स से सीधे जुड़कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
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