Last updated: October 1st, 2026 at 02:47 pm

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को विधानसभा के शरदकालीन सत्र को सरकार के लिए सफल बताया। उन्होंने कहा कि सदन में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित हुआ और कारोबार को आसान बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों को भी मंजूरी मिली। विधानसभा ने 28 सितंबर को पूर्ण राज्यhood बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया था, जिस दौरान BJP विधायकों ने विरोध करते हुए वॉकआउट किया था।
‘घेरने का मौका आया तो सदन में मौजूद नहीं थे’
जम्मू-कश्मीर इंटरनेशनल बायर-सेलर मीट के दौरान उमर ने विधानसभा की कार्यवाही पर कहा कि सत्र से पहले सरकार को घेरने की बात कही जा रही थी, लेकिन जब सरकार से सवाल करने का मौका आया तो विपक्षी सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे।
उन्होंने कहा कि राज्यhood के प्रस्ताव पर BJP के पास सरकार से पिछले दो वर्षों के कामकाज को लेकर सवाल पूछने का अवसर था। हालांकि, इस मुद्दे पर BJP और सरकार के बीच सदन में तीखी राजनीतिक बहस हुई। BJP ने प्रस्ताव की भाषा और उसमें 2019 से पहले की स्थिति से जुड़े संदर्भों पर आपत्ति जताई थी, जबकि विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा था कि पार्टी राज्यhood की बहाली के पक्ष में है।
उमर ने इंटरनेशनल बायर-सेलर मीट का जिक्र करते हुए बताया कि उद्योग विभाग और ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन की ओर से करीब 30-35 बाहरी खरीदारों को बुलाया गया है, जो लगभग 100 स्थानीय निर्माताओं, बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों से बातचीत करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे कारोबारी रिश्ते और नए ऑर्डर बनेंगे।
पुरानी पेंशन योजना पर भी बोले उमर
मुख्यमंत्री ने पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने के सरकार के फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस कदम से हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, लेकिन उनके मुताबिक इस फैसले को अपेक्षित चर्चा नहीं मिली।
उमर ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश की सीमाओं के बावजूद उनकी सरकार उपलब्ध संसाधनों के जरिए काम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने विकास के प्रयासों को उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार धीरे-धीरे जम्मू-कश्मीर की समस्याओं पर काम कर रही है।
ज्ञानेश कुमार पर उमर की टिप्पणी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद पर उमर अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग से आत्म-मंथन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर सामने आए सवालों का जवाब देने और अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की जरूरत है।
BJP की ओर से ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने की मांग के संदर्भ में उमर ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर BJP उन्हें सम्मानित करना चाहती है तो भारत रत्न दिया जाए और दो साल बाद राष्ट्रपति भी बनाया जाए। उनकी इस टिप्पणी को BJP पर राजनीतिक कटाक्ष के तौर पर रिपोर्ट किया गया है।
ज्ञानेश कुमार को लेकर चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े विवाद पर इस समय राजनीतिक और कानूनी बहस जारी है। ऐसे आरोपों और दावों पर अलग-अलग राजनीतिक पक्षों के अलग-अलग मत हैं।
भारत-चीन रिश्तों पर भी रखी बात
भारत-चीन संबंधों पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की हालिया टिप्पणी का जिक्र करते हुए उमर ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत और बेहतर संबंध भारत के हित में हैं। उन्होंने गलवान के बाद दोनों देशों के बीच बने तनावपूर्ण माहौल की तुलना मौजूदा संवाद से करते हुए कहा कि चीन और बांग्लादेश समेत पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना देश के हित में है।
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