Last updated: August 11th, 2026 at 09:13 am

संसद के मानसून सत्र का आखिरी दौर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव के बीच गुजर रहा है। छात्र प्रदर्शन, कथित लाठीचार्ज और राम मंदिर से जुड़े चंदे के आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि वह इन मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को भी चर्चा के दौरान सरकार का पक्ष सुनना होगा।
सोमवार को सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि अमित शाह संसद में जवाब देने के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की और कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
सदन की कार्यवाही से पहले NDA सांसदों ने संसद परिसर में मार्च निकाला। उनके हाथों में राहुल गांधी से जुड़े सवाल उठाने वाले पोस्टर थे और इस दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी भी की गई। सत्ता पक्ष के सांसदों का आरोप था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है।
दूसरी ओर विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर जवाब देने और राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद पर चर्चा कराने की मांग की। संसद परिसर में दोनों पक्षों के सांसद आमने-सामने भी आए, जिसके चलते काफी देर तक राजनीतिक नारेबाजी होती रही।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सत्ता पक्ष के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार सरकार के सांसदों को इस तरह प्रदर्शन करते देखा है। उन्होंने केंद्र से संसद में संबंधित मुद्दों पर जवाब देने की मांग दोहराई।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए।
झारखंड के छात्र प्रदर्शन को लेकर BJP का पलटवार
इस बीच झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुखता से उभर आया है। विपक्ष जहां दिल्ली में छात्रों से जुड़े मामले को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बना रहा है, वहीं BJP अब झारखंड की घटना को लेकर राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर सवाल उठा रही है।
BJP नेताओं का कहना है कि विपक्ष अलग-अलग राज्यों में हुई घटनाओं को लेकर अलग-अलग रवैया अपनाता है। पार्टी ने राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए झारखंड की घटना पर उनकी प्रतिक्रिया को राजनीतिक बहस का मुद्दा बना दिया है।
गौरतलब है कि झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में JMM, कांग्रेस और वाम दलों का गठबंधन सत्ता में है। राहुल गांधी ने वहां छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की आलोचना की थी।
FCRA और परिसीमन विधेयकों पर भी नजर
संसद के मौजूदा सत्र में अब कम समय बचा है। ऐसे में FCRA संशोधन, परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावित विधेयकों को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है। सदन में लगातार जारी गतिरोध के कारण इन विधेयकों को मौजूदा सत्र में पेश किए जाने या आगे बढ़ाए जाने की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों को लेकर सरकार पहले से तैयारी कर रही थी। प्रस्तावित संवैधानिक बदलावों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण और लोकसभा सीटों की संख्या में बदलाव जैसे मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं।
वहीं, FCRA संशोधन विधेयक 2026 पहले ही लोकसभा में पेश किया जा चुका है और अब उस पर चर्चा तथा आगे की संसदीय प्रक्रिया बाकी है। हालांकि मौजूदा राजनीतिक गतिरोध के बीच इन सभी विधेयकों का भविष्य फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
आखिरी दिनों में संसद की कार्यवाही किस तरह आगे बढ़ती है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होता है या नहीं। छात्र मुद्दे और झारखंड की घटना ने दोनों पक्षों को एक-दूसरे पर हमला करने का नया राजनीतिक आधार जरूर दे दिया है।
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