Last updated: December 7th, 2025 at 08:57 am

रोहतास। भारतीय संविधान के शिल्पकार एवं भारत रत्न से सम्मानित डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर रविवार को रोहतास समाहरणालय परिसर में श्रद्धा और सम्मान के साथ श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी रोहतास श्रीमती उदिता सिंह ने समाहरणालय गेट पर स्थापित बाबा साहेब की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया और उनके आदर्शों को नमन किया। पूरे परिसर में “बाबा साहेब अमर रहें” के नारों के साथ भावपूर्ण वातावरण बना रहा।
इस मौके पर जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने सामाजिक न्याय, समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के जिन मूल्यों की स्थापना की, वे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, त्याग और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। हमें उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय और समान अवसर पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया और वंचित वर्ग को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिलाया। उनके विचार आज की युवा पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि बाबा साहेब द्वारा परिकल्पित न्यायपूर्ण, समावेशी और समानतामूलक समाज के निर्माण की दिशा में वे निरंतर प्रयास करते रहेंगे तथा समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा, विकास और अधिकारों की समान पहुँच सुनिश्चित करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम का समापन बाबा साहेब के आदर्शों को जीवन में अपनाने के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया।
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