Last updated: July 5th, 2026 at 06:35 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में आयोजित सेमीकंडक्टर परियोजना के उद्घाटन समारोह के दौरान अपने संबोधन में ऐसा अंदाज दिखाया, जिसने पूरे कार्यक्रम का माहौल हल्का और रोचक बना दिया। भाषण के बीच उन्होंने लोकप्रिय वेब सीरीज ‘पंचायत’ के चर्चित संवाद ‘सुन रहे हो न, विनोद’ का जिक्र किया, जिसे सुनते ही सभागार में मौजूद लोगों के साथ मंच पर बैठे अतिथि भी मुस्कुरा उठे और ठहाके गूंजने लगे। इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रधानमंत्री साणंद में सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा के उद्घाटन के अवसर पर मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान कंपनी के चेयरमैन सुबैया ने अपने संबोधन में गुजराती की दो प्रसिद्ध कहावतों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऊंचे लक्ष्य तय करना ही सफलता की पहली शर्त है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी छोटे लक्ष्य नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने के उद्देश्य से आगे बढ़ रही है।
सुबैया ने यह भी जानकारी दी कि कंपनी की पहली सेमीकंडक्टर चिप्स की खेप जापान स्थित साझेदारों को भेजी जा रही है, जिससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। उन्होंने अपने भाषण में ‘काम बोले छे’ कहावत का भी उल्लेख किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने इन दोनों गुजराती कहावतों का जिक्र करते हुए कहा कि वे हमेशा बड़े लक्ष्य तय करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई स्मारक बनाना हो तो वह दुनिया का सबसे ऊंचा होना चाहिए। इसके बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “काम बोले छे… सुन रहे हो न, विनोद…”। इस टिप्पणी के साथ पूरा सभागार हंसी से गूंज उठा।
प्रधानमंत्री के इस हल्के-फुल्के अंदाज को लोगों ने खूब पसंद किया और कार्यक्रम का यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। कई यूजर्स ने इसे प्रधानमंत्री की सहज शैली और लोकप्रिय संस्कृति से जुड़ाव का उदाहरण बताया।
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