Last updated: January 5th, 2026 at 04:54 pm

प्रयागराज में माघ मेला 2026 अब पूरे जोर-शोर से जारी है। यह मेला हर साल लगता है और भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इस मेला में देश और विदेश से लाखों लोग संगम तट पर पहुंचते हैं। इस साल अनुमान है कि लगभग 15 करोड़ श्रद्धालु माघ मेला में भाग ले रहे हैं। लोग यहाँ स्नान, पूजा, हवन और अन्य धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।
माघ मेला का मुख्य आकर्षण संगम तट पर स्नान करना है। यहाँ तीन नदियों – गंगा, यमुना और सरस्वती – का संगम होता है और श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस पवित्र स्थान पर स्नान करने से पाप धुल जाते हैं और जीवन में शांति आती है। लोग सुबह-सुबह घाट पर पहुँचकर धार्मिक अनुष्ठान करते हैं और भगवान को समर्पित हवन, पूजा और भजन करते हैं।
इस साल प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान दिया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग स्थानों पर खाद्य और पेय पानी की व्यवस्था, शौचालय और स्वास्थ्य केंद्र लगाए गए हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों ने भी पूरी सतर्कता के साथ भीड़ नियंत्रण और मार्गदर्शन का काम संभाला है। इसके अलावा, मेला क्षेत्र में स्पेशल ट्रेन और बस सेवाएं भी शुरू की गई हैं, ताकि लोग आसानी से मेला स्थल तक पहुँच सकें।
मेला में न केवल धार्मिक गतिविधियाँ होती हैं, बल्कि यह एक सांस्कृतिक उत्सव भी है। यहाँ पर धार्मिक प्रवचन, भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु और पर्यटक दोनों ही इन कार्यक्रमों का आनंद उठाते हैं। बच्चों और युवाओं के लिए यह मेला शिक्षा और संस्कृति सीखने का एक अच्छा अवसर भी प्रदान करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि माघ मेला सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और पर्यटन दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय व्यापारियों, होटल और परिवहन सेवा को लाभ मिलता है। इस तरह यह आयोजन प्रयागराज की अर्थव्यवस्था में भी योगदान करता है।
प्रशासन ने मेला स्थल पर इमरजेंसी सेवाओं और आपातकालीन अस्पताल की व्यवस्था भी की है। साथ ही, भीड़ के कारण किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को तैयार रखा गया है। इसके अलावा, COVID और अन्य स्वास्थ्य सुरक्षा नियमों का पालन करने की भी लोगों से अपील की गई है।
इस प्रकार, प्रयागराज माघ मेला 2026 धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। लाखों श्रद्धालु और पर्यटक इसका हिस्सा बनकर आस्था, संस्कृति और उत्सव का अनुभव कर रहे हैं। यह मेला अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा और लोग संगम में स्नान और पूजा करके अपने मन की शांति प्राप्त करेंगे।
माघ मेला 2026 न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता को भी दर्शाता है। प्रशासन की सजगता और सुरक्षा के कारण लोग इस मेला में बिना किसी परेशानी के भाग ले सकते हैं और इस पवित्र आयोजन का आनंद उठा सकते हैं।
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