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प्रधानमंत्री मोदी ने किया जीविका निधि का शुभारंभ, महिलाओं की आत्मनिर्भरता को दी नई उड़ान

सासाराम (रोहतास), 2 सितम्बर। बिहार की महिलाओं के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो
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सासाराम (रोहतास), 2 सितम्बर।

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    बिहार की महिलाओं के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का शुभारंभ करते हुए 105 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि “महिलाओं की शक्ति ही बिहार की प्रगति का मार्ग है, और जीविका निधि इस शक्ति को नई दिशा देने वाली है।”

    रोहतास जिले के सासाराम स्थित मल्टीपर्पस हॉल में दोपहर 12:30 बजे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। जैसे ही प्रधानमंत्री ने बटन दबाकर राशि हस्तांतरित की, पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्रवण कुमार भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

    मुख्यमंत्री बोले– 1.40 करोड़ दीदियां बदल रहीं बिहार का भविष्य

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज बिहार की 1.40 करोड़ महिलाएं जीविका से जुड़कर रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नया अध्याय लिख रही हैं। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार सभी परिवारों की महिलाओं को रोजगार सृजन के लिए 10 हजार रुपये की राशि देगी। कामकाज और प्रगति की समीक्षा के बाद यह सहायता राशि बढ़ाकर दो लाख रुपये तक उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका निधि का उद्देश्य महिलाओं को केवल बैंकिंग सुविधा देना ही नहीं है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना और उनके सपनों को साकार करना भी है।

    डिजिटल बैंकिंग से बदलेंगी तस्वीर

    ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि जीविका निधि सहकारी बैंक का उद्घाटन 30 मई 2025 को किया गया था। इस बैंक के माध्यम से अब महिलाएं डिजिटल लोन सुविधा और पारदर्शी बैंकिंग सेवा का लाभ ले सकेंगी। उन्होंने कहा कि अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं कर्ज या बैंकिंग सुविधाओं के लिए परेशान होती हैं, लेकिन अब एक क्लिक में उन्हें ऋण और अन्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। यह कदम बिहार के ग्रामीण जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला साबित होगा।

    प्रधानमंत्री ने गिनाए महिला सशक्तिकरण के कदम

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीविका निधि महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता की नई शक्ति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में केंद्र सरकार ने महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत महिलाओं को खुले में शौच की मजबूरी से मुक्ति दिलाने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं के नाम पर पक्के मकान बनाने और हर घर नल जल योजना से पेयजल उपलब्ध कराने का जिक्र किया।

    उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत माताओं और बहनों के इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सुविधा की बात दोहराते हुए कहा कि अब किसी भी महिला को इलाज के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि देश की महिलाएं आज “लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंक सखी” जैसी पहलों से नई पहचान बना रही हैं।

    बिहार की परंपरा से जोड़ी बात

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बिहार की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर का उल्लेख करते हुए कहा कि “जिस प्रकार बिहार की जानकी माता सीता संघर्ष और शक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं, उसी तरह आज बिहार की दीदियां भी संघर्ष, सशक्ति और सकुशलता का परिचय दे रही हैं।” उन्होंने कहा कि जीविका निधि के जरिये महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार को संबल देंगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगी।

    सासाराम में उमड़ा उत्साह

    सासाराम के मल्टीपर्पस हॉल में करीब एक हजार दीदियां कार्यक्रम का हिस्सा बनीं। जैसे ही प्रधानमंत्री का संबोधन शुरू हुआ, महिलाएं ध्यानपूर्वक उसे सुनती रहीं। उनके चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दीदियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि जीविका निधि उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी।

     

    जिले के 19 प्रखंडों और 43 संकुल संघों के माध्यम से लगभग 1.35 लाख दीदियों ने लाइव प्रसारण देखा। गाँव-गाँव में सामुदायिक भवनों और पंचायत भवनों पर बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी। हर जगह महिलाओं का जोश और आत्मविश्वास देखने लायक था।

    अधिकारियों की मौजूदगी

    कार्यक्रम में जिला प्रशासन की ओर से भी बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे। रोहतास की जिलाधिकारी उदिता सिंह, उप विकास आयुक्त विजय कुमार पांडे और जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक सुधीर बहादुर सहित अन्य पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। अधिकारियों ने कहा कि जीविका निधि के माध्यम से जिले की महिलाएं अब वित्तीय रूप से और अधिक मजबूत बनेंगी।

    दीदियों की बदलती तस्वीर

    जीविका से जुड़ी महिलाएं पिछले कुछ वर्षों में अपने कौशल और मेहनत से न सिर्फ परिवार, बल्कि समाज की तस्वीर बदल रही हैं। समूह से जुड़कर महिलाएं अब डेयरी, बकरी पालन, सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योगों में काम कर रही हैं। जीविका निधि के जरिये उन्हें अब लोन और बैंकिंग सुविधा आसानी से मिल पाएगी, जिससे उनका कारोबार और तेजी से बढ़ सकेगा।

    महिलाओं की आत्मनिर्भरता ही विकसित बिहार का कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता ही विकसित बिहार की आधारशिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी परिवार मजबूत होगा और जब परिवार मजबूत होगा तो देश भी समृद्ध होगा। जीविका निधि इसी सोच का परिणाम है, जो आने वाले समय में बिहार की तस्वीर और दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।

    मंगलवार को हुए इस कार्यक्रम ने बिहार की महिलाओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। चाहे प्रधानमंत्री का महिला सशक्तिकरण पर जोर हो या मुख्यमंत्री का आर्थिक सहयोग का ऐलान, दोनों ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में महिलाएं ही विकास की धुरी होंगी।

    जीविका निधि केवल बैंकिंग सेवा नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों को पंख देने वाली योजना है। इससे जहां महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। सासाराम से लेकर पूरे प्रदेश में इसका असर आने वाले समय में साफ दिखेगा।

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