Last updated: December 12th, 2025 at 04:59 pm

पूर्णिया की दर्दनाक घटना: नशे में भाई ने दो मासूम भाइयों की ले ली जान
पूर्णिया से आई यह घटना पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गई है। यहां एक युवक ने नशे की हालत में वह काम कर दिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। स्मैक के नशे में डूबे एक युवक ने अपने ही दो छोटे भाइयों की बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना इतनी खौफनाक थी कि गांव में दहशत फैल गई और लोग सदमे में आ गए। हर कोई बस एक ही सवाल पूछ रहा था—आखिर कोई भाई ऐसा कैसे कर सकता है?
घटना रात में हुई, जब परिवार के लोग अलग-अलग कामों में लगे हुए थे। घर में माहौल सामान्य था और किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में ऐसा बड़ा हादसा होने वाला है। आरोपी युवक स्मैक के नशे में था और उसकी मानसिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ी हुई थी।
नशे की हालत में वह अचानक गुस्से में आ गया। पता चला कि शाम से ही उसे चिड़चिड़ापन हो रहा था। इसी बीच उसने हाथ में हैंडपंप का लोहे का हैंडल उठा लिया। उसके छोटे भाई वहीं खेल रहे थे। नशे और गुस्से के असर में उसने बिना सोचे-समझे उन पर हमला कर दिया।
हैंडपंप का हैंडल काफी भारी होता है और जब उससे वार किया जाए तो किसी को भी गंभीर चोट लग सकती है। आरोपी ने यही हैंडल उठाकर अपने दोनों छोटे भाइयों पर लगातार वार करने शुरू कर दिए। वार इतने तेज और लगातार थे कि दोनों मासूमों के बचने की कोई संभावना नहीं रही।
नींद में सोए परिवारवालों ने शोर सुनकर दौड़कर देखा, तो सामने दिल दहला देने वाला दृश्य था। दोनों बच्चे खून से लथपथ पड़े थे और आरोपी बदहवासी की हालत में खड़ा था।
घटना के तुरंत बाद पूरे घर में चीख-पुकार मच गई। माता-पिता और रिश्तेदारों को विश्वास नहीं हो रहा था कि जिस बेटे को उन्होंने पाला, वही बेटे अपने छोटे भाइयों का हत्यारा बन गया।
आसपास के लोग जब घटनास्थल पर पहुंचे तो सभी के चेहरे पर डर और गुस्सा साफ दिख रहा था। गांव में मातम और दहशत दोनों माहौल बन गया। कई लोग कह रहे थे कि नशे ने एक पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया, क्योंकि वह भागने की हालत में भी नहीं था। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और घर की तलाशी ली। जांच में साफ हुआ कि हत्या के पीछे सिर्फ नशा और गुस्सा जिम्मेदार थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से नशे का आदी था। परिवार वाले उसे कई बार समझा चुके थे, लेकिन वह स्मैक छोड़ने को तैयार नहीं था।
यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि समाज को चेतावनी देने वाली है। युवा पीढ़ी में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है और यह कई घरों को बर्बाद कर रही है। पूर्णिया की यह घटना इसका सबसे दर्दनाक उदाहरण है।दो छोटे बच्चों की हत्या ने पूरे जिले को सदमे में डाल दिया है। परिवार की जिंदगी कभी पहले जैसी नहीं रह पाएगी। यह घटना बताती है कि नशा इंसान को इतना अंधा कर देता है कि वह अपने ही खून से दुश्मनी कर बैठता है। समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि ऐसी त्रासदी फिर न हो।
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