Human Live Media

HomeNewsमहिलाओं से कथित बदसलूकी पर राहुल गांधी का दिल्ली पुलिस पर हमला, साकेत थाने का CCTV जारी करने की मांग

महिलाओं से कथित बदसलूकी पर राहुल गांधी का दिल्ली पुलिस पर हमला, साकेत थाने का CCTV जारी करने की मांग

दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों से कथित बदसलूकी के आरोपों को लेकर सियासत तेज हो
images – 2026-10-05T175209.600

दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों से कथित बदसलूकी के आरोपों को लेकर सियासत तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाते हुए साकेत पुलिस स्टेशन का पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और हिंसा की शिकायतों पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

Table of Contents

    राहुल गांधी ने शेयर किया महिलाओं से बातचीत का वीडियो

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान से उनके कथित अनुभवों को लेकर बातचीत करते नजर आ रहे हैं। दोनों महिलाओं ने साकेत थाने के अंदर कथित मारपीट और बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों पर महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उन्हीं पर इस तरह के आरोप लगना गंभीर चिंता का विषय है।

    राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि दिल्ली में महिलाओं द्वारा सवाल उठाने या विरोध करने पर उन्हें चुप कराने का एक पैटर्न दिखाई दे रहा है। उन्होंने जंतर-मंतर पर हिरासत में लिए गए लोगों और महिला प्रदर्शनकारियों की ओर से पुरुष पुलिसकर्मियों पर कथित दुर्व्यवहार के आरोपों का भी जिक्र किया।

    साकेत थाने का पूरा CCTV फुटेज जारी करने की मांग

    राहुल गांधी ने मांग की कि साकेत पुलिस स्टेशन के अंदर का पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक किया जाए, ताकि वहां हुई घटनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।

    उन्होंने शाहीन, नफीसा और दिल्ली पुलिस पर हिंसा या बदसलूकी के आरोप लगाने वाले अन्य लोगों को न्याय दिलाने की भी मांग की। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाया।

    जंतर-मंतर प्रदर्शन से भी जुड़ा विवाद

    यह मामला दिल्ली में SIR के विरोध में हुए हालिया प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस ने शिकायतें मिलने की पुष्टि की है और मामले को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजा है। पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ताओं का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है और उपलब्ध CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।

    वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को इलाके में लागू प्रतिबंधों के तहत प्रदर्शन समाप्त करने के लिए कहा गया था। पुलिस के अनुसार, निर्देश नहीं मानने पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    संसद मार्ग थाने के बाहर भी हुआ प्रदर्शन

    महिला पत्रकारों की शिकायतों को लेकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि शिकायतों पर FIR दर्ज कर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी दी है। ऐसे में अब जांच के जरिए यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और संबंधित घटनाओं में पुलिस की भूमिका क्या रही।

    Loading

    Comments are off for this post.