Last updated: October 12th, 2026 at 05:40 pm

इंडिया गठबंधन की ओर से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शन में शामिल लोगों और आंदोलन का समर्थन करने वालों के प्रति आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, इंडिया गठबंधन के नेताओं और सिविल सोसाइटी संगठनों को धन्यवाद दिया। राहुल ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जुड़े व्यापक आंदोलन का हिस्सा है।
‘सरकार को दिखाना था कि जनता डरने वाली नहीं’
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि सोमवार का दिन महत्वपूर्ण था, क्योंकि प्रदर्शन के जरिए सरकार को यह संदेश देना था कि देश की जनता डरने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वालों को डराने और धमकाने की कोशिश की जाती है, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोगों पर भी निशाना साधा। राहुल ने आरोप लगाया कि पहले युवा साथियों के साथ मारपीट करने वाले लोग सोमवार के प्रदर्शन के दौरान नजर नहीं आए। उनके बयान में सत्ता और ताकत के इस्तेमाल को लेकर भी आलोचना की गई।
‘यह अलग-अलग प्रदर्शन नहीं, एक ही आंदोलन है’
कांग्रेस नेता ने कहा कि मार्च में शामिल लोगों ने एक टीम की तरह काम किया। उनके मुताबिक, अलग-अलग जगहों पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को एक साझा आंदोलन के तौर पर देखा जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता इन मुद्दों पर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने सरकार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप भी लगाया।
कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जताया आभार
राहुल गांधी ने प्रदर्शन में शामिल हर व्यक्ति को धन्यवाद दिया। उन्होंने दोपहर तीन बजे अपने-अपने तरीके से आंदोलन का समर्थन करने वाले लोगों का भी आभार जताया। इसके साथ ही कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना की।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान के विचारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे लोगों पर उन्हें गर्व है।
सिविल सोसाइटी संगठनों को भी कहा धन्यवाद
राहुल गांधी ने उन सिविल सोसाइटी संगठनों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने मार्च में हिस्सा लिया या आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए साथ आने वाले लोगों के सहयोग को वह महत्व देते हैं।
इंडिया गठबंधन का यह मार्च सुप्रीम कोर्ट तक निकाला गया था। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन CJI ने मुलाकात से इनकार कर दिया था। इसके बाद भी विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाने की बात कही।
![]()
Comments are off for this post.