Human Live Media

HomeNewsराजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत, 2 करोड़ जमा करने के बाद मध्यस्थता से सुलझेगा चेक बाउंस विवाद

राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत, 2 करोड़ जमा करने के बाद मध्यस्थता से सुलझेगा चेक बाउंस विवाद

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों
images – 2026-10-15T150740.025

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों को विवाद का समाधान मध्यस्थता के जरिए निकालने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को उचित शर्तों के साथ अभिनेता का पासपोर्ट जारी करने पर विचार करने को कहा है।

Table of Contents

    चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश राजपाल यादव की ओर से पिछली सुनवाई के निर्देशों का पालन किए जाने की जानकारी मिलने के बाद दिया। अभिनेता के वकील ने अदालत को बताया कि राजपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में कुल 2 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। इसमें 1.15 करोड़ रुपये डिमांड ड्राफ्ट और 85 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से जमा किए गए हैं।

    रकम जमा किए जाने की जानकारी पर संतोष जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह मामले के समाधान के लिए एक मध्यस्थ नियुक्त करेगा। दोनों पक्षों को निर्धारित तारीख पर मध्यस्थ के सामने उपस्थित होकर विवाद सुलझाने की प्रक्रिया में शामिल होना होगा। राजपाल यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स की ओर से भी इस प्रस्ताव पर सहमति जताई गई।

     विदेश में काम करने के लिए पासपोर्ट की मांग

    सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने अदालत को बताया कि अभिनेता को अपने पेशेवर काम के सिलसिले में विदेश यात्रा करनी है, लेकिन उनका पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट के पास जमा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित ट्रायल कोर्ट को उचित शर्तें तय करते हुए पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया।

     फिल्म के लिए लिया था 5 करोड़ रुपये का कर्ज

    यह मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता-पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज की रकम लौटाने के लिए दिए गए सात चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद कंपनी ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई।

    इस मामले में निचली अदालत के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने भी राजपाल यादव को दोषी ठहराया था। खबर में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस के प्रत्येक मामले में अलग-अलग 1.35 करोड़ रुपये का जुर्माना और तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी।

    इस फैसले को चुनौती देते हुए राजपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। शीर्ष अदालत के निर्देश के बाद 2 करोड़ रुपये जमा कराए जाने से उन्हें जेल जाने के मामले में राहत मिली है। अब दोनों पक्षों के बीच विवाद को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, मामले का अंतिम निपटारा मध्यस्थता की प्रक्रिया और दोनों पक्षों के बीच होने वाले समझौते पर निर्भर करेगा।

    Loading

    Comments are off for this post.