Last updated: October 26th, 2026 at 10:59 am

मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को जनता दल यूनाइटेड (JDU) से निष्कासित किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस कार्रवाई पर तंज कसते हुए पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों की याद दिलाई है। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि ‘ईश्वर की लाठी में आवाज नहीं होती’ और बुरे कर्मों का परिणाम बुरा ही होता है।
RJD ने 12 फरवरी 2024 को नीतीश कुमार सरकार के विश्वास मत के दौरान हुए राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र किया। उस समय RJD के तीन विधायकों ने पार्टी से अलग रुख अपनाते हुए NDA के पक्ष में कदम उठाया था। RJD ने अपने पोस्ट में इन नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय पार्टी के साथ विश्वासघात करने वालों को अब उनके फैसलों का परिणाम भुगतना पड़ रहा है।
लालू-तेजस्वी का जिक्र कर JDU पर निशाना
RJD ने अपने पोस्ट में पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का भी जिक्र किया। पार्टी ने दावा किया कि लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव ने सत्ता के लिए अनैतिक रास्ता नहीं अपनाया। पोस्ट में लालू यादव के जेल जाने और मीडिया ट्रायल का सामना करने का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उन्होंने कभी किसी का अहित नहीं चाहा।
पार्टी ने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव ने विधानसभा में उन तीनों विधायकों को समय का तकाजा विनम्रता से याद दिलाया था। RJD ने मौजूदा घटनाक्रम को पुराने राजनीतिक फैसलों से जोड़ते हुए तंज कसा।
नीलम देवी, आनंद मोहन और प्रह्लाद यादव का जिक्र
RJD के पोस्ट और उसके राजनीतिक संदेश में अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी का मामला भी चर्चा में है। JDU ने अनंत सिंह के साथ नीलम देवी को भी छह साल के लिए निष्कासित किया है। RJD की ओर से यह आरोप लगाया गया कि अनंत सिंह के बयानों और विवाद का खामियाजा उनकी पत्नी को भी भुगतना पड़ा।
इसके अलावा, आनंद मोहन और उनके परिवार का जिक्र करते हुए RJD ने आरोप लगाया कि राजनीतिक पदों को लेकर उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। पार्टी ने उनके बेटे चेतन आनंद को बिहार सरकार में मंत्री और पत्नी लवली आनंद को केंद्र में मंत्री बनवाने की कोशिशों का उल्लेख किया।
RJD ने सूर्यगढ़ा के पूर्व विधायक प्रह्लाद यादव का भी जिक्र किया। पार्टी के मुताबिक, प्रह्लाद यादव ने 2024 में नीतीश कुमार के पक्ष में राजनीतिक रुख अपनाया था और 2025 के विधानसभा चुनाव में JDU से टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी ने उनकी जगह रामानंद मंडल को उम्मीदवार बनाया।
बिहार में तेज हुई सियासी बयानबाजी
RJD ने इन घटनाओं को आधार बनाकर बीजेपी और JDU पर राजनीतिक जरूरत के हिसाब से नेताओं का इस्तेमाल करने और बाद में उन्हें किनारे करने का आरोप लगाया है। हालांकि, यह RJD का राजनीतिक आरोप और उसकी व्याख्या है।
अनंत सिंह और नीलम देवी पर JDU की कार्रवाई के बाद अब RJD ने पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों को सामने रखकर सत्तारूढ़ गठबंधन पर निशाना साधा है। इससे बिहार में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
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