Last updated: June 2nd, 2026 at 09:37 am

पटना: बिहार में 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद लगातार राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। आवास खाली करने के नोटिस के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के वहीं बने रहने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
यह सरकारी बंगला पहले बिहार सरकार के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया था। इस बीच मंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामला और गरमा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके दलित होने के कारण आवास खाली नहीं किया जा रहा है।
इस बयान पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की नेता और राबड़ी देवी की बेटी रोहिणी आचार्या ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भाजपा और सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
रोहिणी आचार्या ने अपने पोस्ट में दावा किया कि भाजपा की विचारधारा में दलित विरोध की मानसिकता मौजूद रही है और यह समय-समय पर सार्वजनिक बयानों और घटनाओं में दिखाई देती है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शासित राज्यों में दलितों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं, जो चिंता का विषय है।
अपने बयान में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक दबाव और विचारधारा से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने अपने राजनीतिक जीवन में वंचित और दलित समाज को मुख्यधारा में लाने का काम किया है।
रोहिणी आचार्या ने यह भी कहा कि लालू यादव के कार्यकाल में समाज के कमजोर वर्गों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिला और कई लोग पहली बार विधानसभा और संसद तक पहुंचे।
उन्होंने मंत्री नंद किशोर राम के बयान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के आरोप वास्तविकता से परे हैं और राजनीतिक लाभ के लिए दिए जा रहे हैं।
इस पूरे विवाद के बीच बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और राबड़ी आवास विवाद अब जातीय और राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
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