Last updated: October 4th, 2025 at 03:47 pm

रोहतास। भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह की भाजपा में वापसी ने रोहतास की डेहरी विधानसभा की राजनीति में भूचाल ला दिया है। अब तक टिकट के लिए लामबंदी करने वाले स्थानीय राजपूत नेताओं की उम्मीदें धूमिल पड़ने लगी हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि भाजपा डेहरी से पवन सिंह की मां को उम्मीदवार बना सकती है। इस संभावना ने स्थानीय राजनीति में गर्माहट पैदा कर दी है।
डेहरी विधानसभा में वर्षों से स्थानीय नेता पोस्टर, बैनर और विभिन्न कार्यक्रमों के सहारे जनता को अपने पाले में करने की कोशिश करते रहे हैं। मगर पवन सिंह की भाजपा में वापसी ने उनके सारे समीकरण बिगाड़ दिए हैं। पवन सिंह राजपूत समाज के बड़े चेहरे माने जाते हैं और उनके परिवार का इस क्षेत्र में सीधा जनाधार है। ऐसे में उनकी मां को प्रत्याशी बनाए जाने की संभावना ने अन्य दावेदारों को बैकफुट पर धकेल दिया है।
जनता की राय : “पवन सिंह की मां को मिला टिकट तो जीत तय”
डेहरी के लोगों में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा इसी मुद्दे को लेकर है। आम ग्रामीणों का कहना है कि अगर भाजपा पवन सिंह की मां को प्रत्याशी घोषित करती है, तो उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। जनता का मानना है कि जिस तरह पवन सिंह का नाम भोजपुरी समाज में प्रभावशाली है, उसी तरह उनका परिवार भी क्षेत्र की राजनीति में गहरी पकड़ बनाए हुए है।
राजनीतिक समीकरणों में उलटफेर
स्थानीय राजपूत नेता, जो अब तक अपने प्रभाव और जातिगत समीकरण के सहारे टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे, अचानक असहज महसूस कर रहे हैं। पार्टी के भीतर भी इसको लेकर चर्चाएं तेज हैं। भाजपा की रणनीति अगर पवन सिंह परिवार पर दांव खेलने की बनती है तो विपक्षी दलों के लिए डेहरी सीट पर मुकाबला बेहद कठिन हो जाएगा।
आधिकारिक मुहर का इंतजार
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस पर पार्टी की ओर से आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो डेहरी विधानसभा में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिलेगा और चुनावी माहौल पूरी तरह पवन सिंह परिवार के इर्द-गिर्द केंद्रित हो जाएगा।
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