Last updated: August 12th, 2026 at 05:19 am

नई दिल्ली: भारतीय करेंसी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार ने ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिखित जवाब में बताया कि दोनों मूल्यवर्ग के एक-एक अरब पॉलीमर नोट परीक्षण के तौर पर लाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।
RBI के प्रस्ताव पर सरकार की मंजूरी
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपने केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश के आधार पर सरकार के सामने यह प्रस्ताव रखा था। इसके तहत पहले ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। परीक्षण सफल रहने पर भविष्य में इन मूल्यवर्गों में पॉलीमर नोटों को नियमित रूप से जारी करने का रास्ता खुल सकता है।
सरकार के मुताबिक, नए पॉलीमर नोट मौजूदा कागज आधारित नोटों के साथ ही चलाए जाने का प्रस्ताव है। हालांकि, RBI की ओर से खरीद प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है।
कब तक बाजार में आएंगे नए नोट?
फिलहाल सरकार ने पॉलीमर नोटों की लॉन्चिंग या आम इस्तेमाल में आने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। खरीद प्रक्रिया शुरुआती स्तर पर होने के कारण इनके उत्पादन और वितरण की समय-सीमा तथा कुल खर्च का सटीक अनुमान अभी लगाना संभव नहीं है।
महंगाई को लेकर सरकार ने क्या बताया?
राज्यसभा में महंगाई से जुड़े सवाल पर वित्त मंत्री ने बताया कि CPI आधारित औसत खुदरा महंगाई 2023-24 में 5.4 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में घटकर 4.6 प्रतिशत और 2025-26 में 2.1 प्रतिशत रह गई।
सरकार के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव, ऊर्जा और अन्य कमोडिटी की कीमतों में बदलाव, सब्जियों की मौसमी महंगाई और अल-नीनो से जुड़े जोखिमों के कारण 2026-27 की पहली तिमाही में खुदरा महंगाई 3.9 प्रतिशत तक पहुंची। हालांकि, यह RBI के 4 प्रतिशत लक्ष्य से अभी भी नीचे बताई गई है।
GST और टैक्स में बदलाव का भी जिक्र
वित्त मंत्री ने सरकार की ओर से किए गए कई टैक्स सुधारों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, GST व्यवस्था में दरों को तर्कसंगत बनाने के साथ कई वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स दरों में कमी की गई है।
इसके अलावा, जरूरी खाद्य तेलों पर कस्टम ड्यूटी में कटौती और पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने जैसे कदमों का भी उल्लेख किया गया। सरकार का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य महंगाई के दबाव को कम करना और आम लोगों की खरीद क्षमता को बनाए रखना है।
इनकम टैक्स छूट और घरेलू खपत
सरकार ने यह भी बताया कि नई आयकर व्यवस्था के तहत सालाना ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स छूट का प्रावधान किया गया है। वेतनभोगी लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद यह सीमा ₹12.75 लाख तक बताई गई है।
सरकार के मुताबिक, ऐसे उपायों से लोगों की खर्च करने योग्य आय बढ़ाने और घरेलू खपत को समर्थन देने में मदद मिली है। ताजा सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि 2025-26 में प्रति व्यक्ति निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
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