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भारतमाला एक्सप्रेसवे पर रोहतास में बवाल: अधिग्रहित भूमि पर फसल हटाने पहुंचे अफसरों से भिड़े किसान, जेसीबी पर हमला, सड़क जाम

सासाराम (रोहतास), 28 अगस्त: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना भारतमाला एक्सप्रेसवे को लेकर बिहार के रोहतास जिले में बुधवार को
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सासाराम (रोहतास), 28 अगस्त:
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना भारतमाला एक्सप्रेसवे को लेकर बिहार के रोहतास जिले में बुधवार को बड़ा बवाल खड़ा हो गया। चेनारी प्रखंड के बरताली गांव के समीप अधिग्रहित भूमि पर खड़ी फसल को हटाने पहुँचे प्रशासनिक अधिकारियों और कंपनी कर्मियों को स्थानीय किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालात उस समय बेकाबू हो गए जब गुस्साए किसानों ने जेसीबी मशीन पर हमला कर दिया और सड़क जाम कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरताली गांव के समीप जिस जमीन पर भारतमाला एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रस्तावित है, वह पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजा प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, और जब तक उन्हें पूरा व पारदर्शी मुआवजा नहीं दिया जाता, वे अपनी जमीन और फसल नहीं छोड़ेंगे। विवाद तब शुरू हुआ जब बुधवार सुबह प्रशासन और निर्माण कंपनी के कर्मी जेसीबी और ट्रैक्टर लेकर खेतों में पहुंचे और वहां लगी धान की फसल को हटाने लगे।

जैसे ही किसानों को इस कार्रवाई की सूचना मिली, वे लाठी-डंडे लेकर बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते बात हाथापाई तक पहुँच गई और भीड़ ने जेसीबी मशीन पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद किसानों ने बरताली मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे लगभग एक घंटे तक यातायात बाधित रहा।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर तैनात किया और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की। एसडीओ और थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। हालाँकि, किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे जमीन खाली नहीं करेंगे।

किसानों का आरोप: जबरन जमीन खाली कराई जा रही है

किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार और निर्माण कंपनी ने उनकी सहमति लिए बिना जबरन जमीन खाली कराने की कोशिश की। उनका कहना है कि अभी तक न मुआवजा पूरी तरह मिला है और न ही किसी पुनर्वास की व्यवस्था की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जबरदस्ती की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

प्रशासन का पक्ष

प्रशासन का कहना है कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वह पूर्व में अधिग्रहित की जा चुकी है और इसके लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई है। अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि किसानों के शेष दावों की जांच की जा रही है, और कोई भी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जाएगी।

स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में

फिलहाल बरताली गांव और आसपास के इलाके में काफी संख्या में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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