Last updated: March 6th, 2026 at 04:45 pm

वाराणसी: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाय को “राष्ट्र माता” का दर्जा देने की मांग को लेकर एक बड़े “धर्म अभियान” की शुरुआत का आह्वान किया है। यह अभियान सनातन संस्कृति के संरक्षण और गौ रक्षा के समर्थन में चलाया जा रहा है। अभियान शुक्रवार से शुरू हो रहा है और 10 मार्च तक लखनऊ पहुंचने की संभावना जताई गई है।
इस धर्म अभियान के तहत गौमाता की सुरक्षा और उन्हें राष्ट्र माता घोषित करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। साथ ही शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि सबसे पहले राज्य में गाय को “राज्य माता” घोषित किया जाए।
अभियान की शुरुआत के अवसर पर शुक्रवार शाम 5 बजे वाराणसी स्थित श्री शंकराचार्य घाट पर गो-ब्राह्मण प्रतिपालक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती भी मनाई जाएगी।
अभियान का कार्यक्रम
घोषित कार्यक्रम के अनुसार, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार 7 मार्च को सुल्तानपुर पहुंचेंगे और जौनपुर का दौरा करेंगे। सुल्तानपुर में वह जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह रायबरेली जाएंगे, जहां लोगों से संवाद करने के साथ सभा को संबोधित करेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे।
रविवार 8 मार्च को शंकराचार्य अपने सहयोगियों के साथ मोहनलालगंज, लालगंज और अचलगंज पहुंचेंगे। इन स्थानों पर भी वे लोगों से मुलाकात करेंगे और सभाओं को संबोधित करते हुए उन्नाव के लिए रवाना होंगे। उन्नाव में भी एक जनसभा आयोजित की जाएगी और वहीं रात्रि विश्राम किया जाएगा।
सोमवार 9 मार्च को शंकराचार्य बांगरमऊ और बघोली में सभाओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह नैमिषारण्य पहुंचेंगे, जहां सभा के साथ रात्रि विश्राम का कार्यक्रम रहेगा।
10 मार्च को सिंधौली और इजौटा में कार्यक्रमों के बाद उनका काफिला लखनऊ पहुंचेगा। इसके बाद 11 मार्च को दोपहर 2 बजे कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर गौ संरक्षण को लेकर इस धर्म अभियान का औपचारिक शंखनाद किया जाएगा।
इस अभियान के माध्यम से शंकराचार्य ने देशभर के संतों, गौभक्तों और आम जनता से गौ संरक्षण के लिए आगे आने और गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए समर्थन देने की अपील की है।
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