Last updated: October 8th, 2026 at 12:41 pm

बिहार में SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने उन पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है, जिनके नाम किसी वजह से सूची में छूट गए हैं। अभियान में खासतौर पर पहली बार वोट देने वाले युवाओं और SIR के बाद सूची से बाहर रह गए पात्र मतदाताओं की पहचान पर जोर रहेगा। चुनाव आयोग ने ऐसे लोगों के लिए Form-6 के जरिए नाम दर्ज कराने की व्यवस्था पर जोर दिया है।
BLO घर-घर जाकर करेंगे पात्र मतदाताओं की पहचान
आयोग के निर्देश के मुताबिक बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO घर-घर जाकर यह पता करेंगे कि किन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। ऐसे लोगों की पहचान होने पर उन्हें Form-6 के जरिए मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया में मदद दी जाएगी।
चुनाव आयोग पहले भी SIR के दौरान यह निर्देश दे चुका है कि BLO नए पात्र मतदाताओं के लिए Form-6 उपलब्ध कराएं और घर-घर जाकर अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करें।
मजदूर बस्तियों और कमजोर वर्गों तक पहुंचने की तैयारी
अभियान के तहत सिर्फ सामान्य आवासीय इलाकों में ही नहीं, बल्कि मजदूर कॉलोनियों, आश्रय स्थलों, बेघर लोगों और अन्य कमजोर वर्गों के बीच भी विशेष कैंप लगाने की योजना है। इन कैंपों के जरिए लोगों को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया और Form-6 भरने की जानकारी दी जाएगी।
पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं को भी अभियान में शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहें।
राजनीतिक दलों के बूथ एजेंट को भी मिलेगी जानकारी
अभियान के दौरान BLO की ओर से तैयार पात्र मतदाताओं की सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ साझा किया जाएगा। इसके बाद निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी मतदान केंद्रवार जानकारी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराएंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी और निगरानी को बनाए रखना है।
SIR के बाद 20 राज्यों में विशेष अभियान
यह कदम सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है। चुनाव आयोग ने SIR पूरा कर चुके 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऐसे मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है, जो पात्र होने के बावजूद अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाए। इसके लिए सामान्य वैधानिक Form-6 का इस्तेमाल किया जाएगा।
आयोग का लक्ष्य ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची में शामिल करना है, ताकि SIR के बाद कोई योग्य मतदाता नाम छूट जाने के कारण मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
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