Human Live Media

HomeNewsSIR के खिलाफ किसानों का देशव्यापी आंदोलन, 23 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन; 26 नवंबर को दिल्ली में भी जुटेंगे किसान

SIR के खिलाफ किसानों का देशव्यापी आंदोलन, 23 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन; 26 नवंबर को दिल्ली में भी जुटेंगे किसान

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ अब संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भी आंदोलन तेज करने का
images – 2026-10-13T152050.800

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ अब संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भी आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। मोर्चा 23 अक्टूबर को देशभर के जिला और तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगा। इसके बाद 26 नवंबर को नई दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े प्रदर्शन आयोजित करने की योजना है। SKM ने SIR प्रक्रिया तत्काल रोकने और मतदाताओं के अधिकार बहाल करने की मांग उठाई है।

Table of Contents

     23 अक्टूबर को जिला और तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन

    संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक 12 अक्टूबर को हरियाणा के करनाल में हुई। बैठक में SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के समर्थन में किसानों को लामबंद करने का फैसला लिया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान नेताओं को भी इन फैसलों की जानकारी दी गई है।

    इससे पहले भारतीय किसान यूनियन भी 10 अक्टूबर को SIR के खिलाफ आंदोलन कर चुकी है। अब संयुक्त किसान मोर्चा ने देशव्यापी प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है।

     मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की मांग

    SKM ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ अभियोजन चलाने की मांग की है। संगठन का दावा है कि SIR प्रक्रिया के कारण 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान अधिकार प्रभावित हुए हैं और उन्हें बहाल किया जाना चाहिए।

    मोर्चे ने निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून में संशोधन की मांग भी उठाई है। इसके अलावा दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस और अन्य लोगों की कथित दमनात्मक कार्रवाई की निंदा की है।

      छात्र-युवाओं के समर्थन में किसानों को जुटाएगा SKM

    संयुक्त किसान मोर्चा ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन कर रहे लोगों, खासकर छात्राओं और युवाओं के साथ बर्बरता तथा यातना की जा रही है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों पर हमले जारी रहे, तो देशभर के किसान उनकी सुरक्षा के लिए आगे आएंगे।

    SKM ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों पर हमला संविधान और कानून के शासन के खिलाफ है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मतदान अधिकारों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

     26 नवंबर को किसान आंदोलन की वर्षगांठ पर बड़ा प्रदर्शन

    SKM के मुताबिक, 26 नवंबर को होने वाले देशव्यापी प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे। इसी तारीख को वर्ष 2020 में दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन शुरू हुआ था। आंदोलन की छठी वर्षगांठ पर मोर्चा अपनी प्रमुख मांगों को फिर से उठाएगा।

    इन मांगों में C2+50 प्रतिशत फार्मूले के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्जमाफी, किसान परिवारों को मुआवजा, पेंशन और बीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

    इसके अलावा संगठन ने बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने, बीज विधेयक 2025 को रोकने, भूमि अधिकारों की सुरक्षा, चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने और मनरेगा बहाल करने की मांग की है। SKM ने सभी मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाने की मांग भी दोहराई है।

    इस तरह SIR के खिलाफ जारी विरोध अब किसान संगठनों तक पहुंच गया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने छात्र-युवाओं के समर्थन में आंदोलन को व्यापक बनाने और अक्टूबर-नवंबर में देशव्यापी प्रदर्शन करने की तैयारी की है।

    Loading

    Comments are off for this post.