Last updated: August 23rd, 2025 at 05:14 pm

कोचस (रोहतास), 23 अगस्त।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत शनिवार को कोचस प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में 11 महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. तुषार कुमार की देखरेख में चिकित्सकीय टीम ने पूरी सतर्कता और सुरक्षा के साथ सभी ऑपरेशनों को अंजाम दिया। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनसंख्या नियंत्रण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य की दिशा में चलाए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।
डॉ. तुषार कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बंध्याकरण शिविर में भाग लेने वाली सभी महिलाओं की पहले आवश्यक चिकित्सकीय जांच की गई, ताकि ऑपरेशन पूरी तरह सुरक्षित हो। ऑपरेशन के बाद सभी महिलाओं को निगरानी में रखा गया और उन्हें दवाइयों के साथ-साथ जरूरी परामर्श भी प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि सभी महिलाएं स्वस्थ हैं और किसी को भी किसी प्रकार की कोई चिकित्सीय जटिलता नहीं हुई है।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल जनसंख्या नियंत्रण नहीं, बल्कि माताओं के स्वास्थ्य की रक्षा और बच्चों के बीच उचित अंतराल सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इससे न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि संपूर्ण परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में भी सकारात्मक परिवर्तन आता है।
बंध्याकरण ऑपरेशन के सफल आयोजन में चिकित्सा केंद्र के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य सहयोगी स्वास्थ्यकर्मियों की अहम भूमिका रही। सभी ने मिलकर महिलाओं को ऑपरेशन से पहले मानसिक रूप से तैयार किया और उन्हें हर चरण में सहयोग प्रदान किया। टीम की सक्रियता और समर्पण के चलते ऑपरेशन प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ना समाज के लिए लाभकारी है। उन्होंने कहा कि जब परिवार छोटा और नियंत्रित होता है, तो बच्चों की परवरिश बेहतर ढंग से हो पाती है और महिलाओं को भी अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने का अवसर मिलता है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया कि इस तरह के शिविरों का आयोजन नियमित अंतराल पर किया जाए, जिससे और भी महिलाएं लाभान्वित हो सकें।
डॉ. तुषार कुमार ने बताया कि आने वाले महीनों में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोचस में इस प्रकार के और भी शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे परिवार नियोजन के महत्व को समझें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का लाभ उठाएं।
यह शिविर न सिर्फ एक स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम था, बल्कि एक सामाजिक जागरूकता अभियान भी साबित हुआ, जिसमें महिलाओं के स्वास्थ्य और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया गया।
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