Last updated: June 26th, 2026 at 02:57 am

भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बक्सर से राजद सांसद सुधाकर सिंह ने इस मामले में सरकार और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि यदि अतीत में अलग तरह की कार्रवाई हुई होती, तो आज सम्राट चौधरी की राजनीतिक स्थिति कुछ और होती।
सुधाकर सिंह ने अपने बयान में कहा कि सम्राट चौधरी पर पहले हत्या, अपहरण और रंगदारी जैसे गंभीर आरोप लगाए जाते रहे हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक फैसलों को लेकर आज भी उन पर सवाल उठाए जाते हैं। सांसद की इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर सुधाकर सिंह ने राज्य सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बिहार में नई सरकार बनने के बाद पुलिस एनकाउंटर की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि जिस युवक की मौत हुई, उसके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और उसकी हत्या की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
राजद सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल विभागीय जांच से सच्चाई सामने नहीं आएगी और पूरे मामले की निगरानी उच्च न्यायालय की देखरेख में गठित स्वतंत्र समिति से कराई जानी चाहिए।
सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि जांच एजेंसियां केवल निचले स्तर के अधिकारियों तक सीमित रहेंगी, तो वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक कार्रवाई नहीं पहुंच पाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच व्यवस्था जरूरी है।
सुधाकर सिंह ने यह भी दावा किया कि इस घटना में स्थानीय पुलिस की भूमिका नहीं थी और कार्रवाई करने वाली टीम बाहर से आई थी। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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