Last updated: May 10th, 2026 at 06:43 am

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने एक बड़ा और संतुलित राजनीतिक संदेश दिया है। शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद जब वे रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक आवास जोरासांको ठाकुरबाड़ी पहुंचे, तब वहां मौजूद समर्थकों ने जय श्रीराम के नारे लगाने शुरू कर दिए। हालांकि सुवेंदु अधिकारी ने तुरंत समर्थकों को शांत कराते हुए कहा कि यह जगह केवल कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर के सम्मान की है।
सुवेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि अब वे केवल किसी एक पार्टी या विचारधारा के नेता नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि राज्य को अब राजनीतिक विवादों से निकालकर विकास और सांस्कृतिक पुनर्निर्माण की दिशा में आगे ले जाने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल पहले ही काफी राजनीतिक तनाव झेल चुका है और अब समय राज्य को नई दिशा देने का है। उन्होंने शिक्षा, संस्कृति और विकास को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सभी लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ना ही उनका लक्ष्य होगा।
इस दौरान सुवेंदु अधिकारी ने रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान काफी चर्चा में रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने अपने पहले सार्वजनिक संदेश से यह दिखाने की कोशिश की है कि उनकी सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर चलना चाहती है।
कार्यक्रम के बाद सुवेंदु अधिकारी ने रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के अधिकारियों से भी मुलाकात की और अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं। सोशल मीडिया पर भी उनका यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है।
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