Last updated: July 26th, 2026 at 11:52 am

लंबे अंतराल के बाद बिहार लौटे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आते ही छात्र आंदोलन को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
एयरपोर्ट से निकलने के तुरंत बाद तेजस्वी यादव मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने बिहार बंद के दौरान सीवान में गोलीबारी में घायल हुए छात्रों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया।
बताया जा रहा है कि 25 जुलाई को आयोजित बिहार बंद के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हिंसक घटनाएं हुई थीं। सीवान में हुई फायरिंग में तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल रेफर किया गया।
घायलों में सीवान के शेख मोहल्ला निवासी मोहम्मद आरिफ, उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी आकाश कुमार और सीवान के दरौली निवासी विक्की कुमार गौड़ शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, आरिफ की हालत सबसे गंभीर है क्योंकि उन्हें गले में गोली लगी है। वहीं, आकाश कुमार के कंधे और विक्की कुमार गौड़ के पैर में गोली लगी है। तीनों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।
अस्पताल से बाहर निकलने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो विपक्ष राज्यभर में बड़ा आंदोलन करेगा।
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