Last updated: April 28th, 2026 at 07:29 am

बिहार की राजनीति में महिलाओं से जुड़े एक बड़े वादे को लेकर विवाद तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की करीब 18 लाख महिलाओं के मुद्दे को उठाते हुए एनडीए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
दरअसल, विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 10-10 हजार रुपये देने और जीविका से जुड़ने पर 2 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। लेकिन सरकार गठन के महीनों बाद भी बड़ी संख्या में महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव के समय महिलाओं को लुभाने के लिए वादे किए गए, लेकिन बाद में उन्हें पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लाखों महिलाएं अब भी पहली किश्त और ऋण राशि का इंतजार कर रही हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव के दौरान महिलाओं के बैंक खातों में राशि भेजने को लेकर दबाव और प्रलोभन का माहौल बनाया गया था। तेजस्वी के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया चुनावी लाभ हासिल करने के लिए अपनाई गई रणनीति थी।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने चुनावी फायदे के लिए बड़े पैमाने पर आर्थिक वादे किए, जिससे वित्तीय संतुलन बिगड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका असर शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है।
इस पूरे मुद्दे को लेकर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले समय में यह बिहार की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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