Last updated: June 6th, 2026 at 09:07 am

पटना। बिहार में वीआईपी सुरक्षा को लेकर चल रहा विवाद अब और अधिक गहरा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बाद अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था वापस करने का फैसला लिया है। इस कदम के बाद राज्य की राजनीति में नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव को हाल ही में Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई थी। इस सुरक्षा व्यवस्था के तहत बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। हालांकि, तेजस्वी यादव ने इस सुरक्षा को स्वीकार करने से इनकार करते हुए संबंधित सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था में शामिल कई जवान दिल्ली से वापस लौट चुके हैं। इस फैसले को लेकर राजद ने सरकार पर राजनीतिक आरोप लगाए हैं और इसे विपक्षी नेताओं को असुरक्षित करने की कोशिश बताया है।
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी अपने आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस लौटा दिया था। उनके इस कदम के बाद बिहार की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई थी।
राजद नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार विपक्ष के प्रमुख नेताओं की सुरक्षा में बदलाव कर राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रही है। पार्टी का कहना है कि उनके शीर्ष नेतृत्व को लगातार खतरे के कारण सुरक्षा की आवश्यकता रहती है।
वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का निर्धारण पूरी तरह सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और आकलन के आधार पर किया जाता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सुरक्षा व्यवस्था में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया है।
इस पूरे मामले ने बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। एक तरफ राजद इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, जबकि सत्ता पक्ष इसे प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।
![]()
Comments are off for this post.