Last updated: April 14th, 2026 at 12:17 pm

बिहार में नए मुख्यमंत्री के तौर पर सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जहां एक ओर उनके समर्थकों में खुशी की लहर है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष लगातार हमलावर नजर आ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तीखा बयान देते हुए कहा कि सम्राट चौधरी की राजनीतिक शुरुआत लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में हुई थी। उन्होंने दावा किया कि आज भी भारतीय जनता पार्टी को बिहार में उसी राजनीतिक सोच के आसपास अपनी रणनीति बनानी पड़ रही है।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि सम्राट चौधरी को उनके राजनीतिक करियर में पहली बार विधायक और मंत्री बनने का मौका लालू प्रसाद यादव ने ही दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि नए मुख्यमंत्री को जनता का सीधा जनादेश नहीं मिला है।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की राजनीति पर बाहरी प्रभाव बढ़ता जा रहा है। नीतीश कुमार के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह फैसला राज्य की राजनीति की दिशा बदलने वाला है।
वहीं, रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास बिहार में ऐसा कोई मजबूत चेहरा नहीं है, जिसे व्यापक जनसमर्थन हासिल हो।
रोहिणी आचार्य ने यह भी कहा कि बीजेपी को मजबूरी में ऐसे नेता को आगे करना पड़ रहा है, जो न तो लंबे समय तक संगठन से जुड़े रहे हैं और न ही पार्टी की पारंपरिक विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कुल मिलाकर, सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से जहां सत्ता पक्ष में उत्साह है, वहीं विपक्ष की ओर से लगातार बयानबाजी जारी है, जिससे बिहार की राजनीति में गर्माहट बनी हुई है।
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