Last updated: September 21st, 2025 at 03:28 am

इंदौर (रोहतास) : नई शिक्षा नीति 2020 भारत सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के आदर्श स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगी। यह बातें बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहीं। वे रविवार को बद्री नारायण इंटर कॉलेज, इंदौर में आयोजित “नई शिक्षा नीति 2020 एवं भविष्य की संभावनाएं” विषयक व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। सभापति ने कहा कि भारत सरकार द्वारा 29 जुलाई 2020 को घोषित यह नीति शिक्षा क्षेत्र में व्यापक और दूरगामी सुधारों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
नई शिक्षा संरचना से जुड़े प्रावधान
सभापति ने कहा कि नई शिक्षा नीति का मुख्य लक्ष्य शिक्षा को अधिक समावेशी, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। इसके अंतर्गत 5+3+3+4 की नई संरचना लागू की गई है, जो बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक संतुलित विकास सुनिश्चित करेगी। मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता पर विशेष ध्यान, मातृभाषा में शिक्षा का समर्थन, व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा, उच्च शिक्षा में मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम और शिक्षा में प्रौद्योगिकी के प्रयोग को बढ़ाने जैसे कदम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस नीति का लक्ष्य वर्ष 2030 तक सकल नामांकन अनुपात 100 प्रतिशत करना और एक जीवंत ज्ञान समाज का निर्माण करना है।
21वीं सदी की चुनौतियों के लिए छात्रों को तैयार करना
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री जयकुमार सिंह ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य एक समावेशी, समतामूलक और जीवंत ज्ञान समाज का निर्माण करना है। प्रतिभाओं का पोषण करना, नवाचार को बढ़ावा देना और छात्रों को 21वीं सदी के वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप तैयार करना इसके मूल बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ वैश्विक आकांक्षाओं का समन्वय इस नीति की विशेषता है।
विशेषज्ञों ने रखे विचार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सौरभ सिंह (प्रबंधक, कौशल विकास रोहतास), शिवांगी मांगड़े (एमकेएलसी पटना), आकांक्षा सिंह (क्लस्टर प्रबंधक, रोहतास) और डॉ. पी.एन. सिंह ने भी नई शिक्षा नीति की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि इस नीति से शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता, पारदर्शिता और व्यावहारिकता का विकास होगा।
अतिथियों का हुआ सम्मान, बड़ी संख्या में रहे उपस्थित
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों को प्राचार्य अनीता सिंह एवं राणा प्रताप सिंह ने अंगवस्त्र, मोमेंटो और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भूमिदाता बच्चा सिंह ने की जबकि संचालन प्रोफेसर सरोज गुप्ता ने किया।
मौके पर कबिन्द्र पाल बीडीसी, प्रोफेसर धर्मवीर कुमार भारती, महेंद्र पाठक, इम्तियाज अंसारी, शिक्षक राकेश कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद रहे।
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