Last updated: May 9th, 2026 at 03:51 am

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी नेतृत्व के खिलाफ सार्वजनिक बयान देने वाले पांच प्रवक्ताओं को अब कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जिन नेताओं को नोटिस भेजा गया है उनमें रिजु दत्ता, कृष्णेंदु नारायण चौधरी, कोहिनूर मजूमदार, पापिया घोष और कार्तिक घोष शामिल हैं। इन सभी से पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने को लेकर जवाब मांगा गया है।
बताया जा रहा है कि चुनावी हार के बाद पार्टी के कई नेताओं ने संगठन की कार्यशैली और नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। खासकर अभिषेक बनर्जी की भूमिका और फैसलों को लेकर कुछ नेताओं ने खुलकर नाराजगी जाहिर की थी।
कोहिनूर मजूमदार ने आरोप लगाया था कि पार्टी नेताओं को अभिषेक बनर्जी से मिलने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। वहीं कृष्णेंदु नारायण चौधरी ने भी नेतृत्व की शैली पर सवाल खड़े किए थे।
इसके अलावा रिजु दत्ता की ओर से सोशल मीडिया पर चुनाव बाद हिंसा को लेकर भाजपा सरकार की कार्रवाई की सराहना किए जाने के बाद पार्टी के भीतर विवाद और बढ़ गया। पापिया घोष और कार्तिक घोष ने भी संगठन को लेकर सार्वजनिक टिप्पणी की थी।
तृणमूल कांग्रेस की अनुशासन समिति ने साफ किया है कि तय समय के भीतर जवाब नहीं मिलने पर संबंधित नेताओं के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में संगठनात्मक स्तर पर बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।
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