Human Live Media

HomePoliticsयूपी में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹3,500 करोड़ का बड़ा प्रावधान!

यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹3,500 करोड़ का बड़ा प्रावधान!

यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹3,500 करोड़ का बड़ा प्रावधान, स्वास्थ्य सुधार पर सरकार का जोर उत्तर प्रदेश सरकार
Yogi-Adityanath-2-2025-03-39b50bd9af5b7f9796ded1ae8dfb20a7-3×2

यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹3,500 करोड़ का बड़ा प्रावधान, स्वास्थ्य सुधार पर सरकार का जोर

उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने अनुपूरक बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 3,500 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। यह कदम राज्य में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

वित्त मंत्री ने विधानसभा में बताया कि इस राशि का उपयोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं को आधुनिक बनाने में किया जाएगा। इसका उद्देश्य न केवल इलाज की गुणवत्ता बढ़ाना है, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करने या महंगे इलाज की जरूरत से भी बचाना है।

बजट में खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सरकार चाहती है कि हर गांव और कस्बे में स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हों, जहां आवश्यक दवाइयों, उपकरणों और प्रशिक्षित डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। इसके अलावा, माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के लिए मातृ और शिशु स्वास्थ्य योजनाओं के लिए भी इस राशि का एक हिस्सा रखा गया है।

राज्य में महामारी और स्वास्थ्य आपातकाल की तैयारी को लेकर भी यह बजट अहम माना जा रहा है। नए अस्पतालों और लैब सुविधाओं का विकास, मेडिकल स्टाफ की भर्ती, और स्वास्थ्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना इस बजट के मुख्य उद्देश्य हैं। सरकार का कहना है कि इससे स्वास्थ्य संकट के समय तेजी से और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रावधान उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा और राज्य के स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार की संभावना बढ़ेगी। इसके साथ ही, यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा, जैसे कि नर्स, लैब तकनीशियन और अन्य मेडिकल स्टाफ की भर्ती।

सरकार ने यह भी कहा है कि इस प्रावधान के तहत डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड, टेलीमेडिसिन और मोबाइल स्वास्थ्य क्लीनिक जैसे आधुनिक उपायों को भी लागू किया जाएगा, ताकि दूरदराज के इलाकों में भी लोग विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह और इलाज ले सकें।

कुल मिलाकर, 3,500 करोड़ रुपये का यह प्रावधान स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने, जनता को बेहतर सेवा देने और आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी को बढ़ाने में मदद करेगा। इससे यह साफ होता है कि उत्तर प्रदेश सरकार अपने नागरिकों के स्वास्थ्य को गंभीरता से ले रही है और इसे राज्य की प्राथमिकता बना रही है।

Loading

No Comments