Last updated: December 19th, 2025 at 06:21 pm

उत्तर प्रदेश में विधानसभा का नया सत्र शुरू हो गया है। इस सत्र में राज्य के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। जैसे कि कानून-व्यवस्था, महंगाई, विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य। विधानसभा सत्र हमेशा ही राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र होता है और इस बार भी विपक्ष और सरकार के बीच बहस तेज देखने को मिल रही है।
सत्र के पहले दिन ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रिमंडल ने विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का ब्यौरा विधानसभा में रखा। उन्होंने बताया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हैं। साथ ही विकास के क्षेत्र में भी कई परियोजनाएं चल रही हैं, जैसे सड़क निर्माण, पानी और बिजली की सुविधा, स्कूल और अस्पतालों में सुधार।
विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा और कहा कि आम जनता की समस्याओं पर सही ध्यान नहीं दिया जा रहा। महंगाई, बेरोजगारी और गरीबों के लिए योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर सवाल उठाए गए। विपक्ष ने यह भी कहा कि कई विकास योजनाएं केवल कागज पर ही हैं और जनता तक उनका लाभ नहीं पहुंच रहा।
सत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने कुछ नए प्रस्ताव विधानसभा में पेश किए हैं। इसके अलावा, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई।
सत्र के दौरान कई विधेयक पेश किए गए, जिनमें नए कानून बनाने और पुराने कानूनों में बदलाव करने के प्रस्ताव शामिल थे। विधानसभा सत्र का मुख्य उद्देश्य यही है कि राज्य की जनता को बेहतर जीवन और सुविधाएं मिलें।
राजनीतिक दलों के बीच बहस से यह स्पष्ट हो गया कि विधानसभा सत्र में कई मुद्दों पर मतभेद रहेंगे। सरकार अपनी उपलब्धियों को दर्शाने की कोशिश करेगी और विपक्ष सरकार की आलोचना करेगा। इससे यह भी पता चलता है कि आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां पूरी तरह तेज हो गई हैं।
कुल मिलाकर, यूपी विधानसभा सत्र का प्रारंभ राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। इस सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दे सीधे जनता के जीवन को प्रभावित करेंगे। कानून-व्यवस्था, विकास और आर्थिक स्थिति पर चर्चा जारी रहेगी। जनता भी इस सत्र की गतिविधियों पर नजर रख रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सरकार उनके लिए क्या कर रही है और विपक्ष किन मुद्दों को सामने ला रहा है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक कामकाज की दिशा इसी सत्र में तय होने वाली है। आने वाले दिनों में सत्र और भी रोचक और महत्वपूर्ण साबित होगा, क्योंकि सभी दल अपनी-अपनी बात पूरी ताकत के साथ रखेंगे।
![]()
No Comments