
करीब एक महीने के अंतराल के बाद मंगलवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि आवास, स्टांप, औद्योगिक विकास, ऊर्जा, परिवहन और शिक्षा जैसे प्रमुख विभागों के 27 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। यह बैठक प्रदेश के शहरी विकास, औद्योगिक निवेश और ग्रामीण परिवहन व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शहरी विस्तार के लिए बड़े बजट की तैयारी
प्रदेश सरकार शहरों के विकास और विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ जैसे शहरों को करीब 800 करोड़ रुपये दिए जाने की संभावना है। इस राशि का इस्तेमाल इन शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नई सुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य तेजी से बढ़ती आबादी के साथ शहरों की जरूरतों को संतुलित तरीके से पूरा करना है।
शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा
बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा जाएगा। सरकार बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की तैयारी में है। इसके तहत अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक, मान्यता प्राप्त निजी कॉलेजों के शिक्षक और राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना के लिए बजट में पहले से ही प्रावधान किया जा चुका है।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा
प्रदेश में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 200 एकड़ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक कॉरिडोर स्थापित करने की योजना है। यह परियोजना अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत विकसित की जाएगी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़ा प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। सरकार पहले ही राज्य के विभिन्न एक्सप्रेसवे के किनारे ऐसे 27 औद्योगिक कॉरिडोर स्थापित करने की घोषणा कर चुकी है।
कानपुर में बुनियादी ढांचे को मजबूती
कानपुर से जुड़ी दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी कैबिनेट की बैठक में चर्चा का विषय बन सकती हैं। पहली परियोजना ग्रीनपार्क स्टेडियम से संबंधित है, जहां उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के साथ हुए अनुज्ञा अनुबंध में कुछ बदलाव प्रस्तावित हैं। वहीं दूसरी परियोजना ट्रांसगंगा सिटी को कानपुर नगर से जोड़ने के लिए चार लेन के नए सेतु के निर्माण से जुड़ी है। लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह सेतु सरसैया घाट से शुक्लागंज के बीच करीब 1.8 किलोमीटर लंबा होगा। इसके बनने से दोनों शहरों के बीच दूरी काफी कम हो जाएगी और गंगा बैराज पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
12 हजार गांवों तक पहुंचेगी बस सेवा
प्रदेश सरकार ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 के तहत करीब 12,200 गांवों को सार्वजनिक बस सेवा से जोड़ने की योजना तैयार की गई है। इन गांवों तक अभी नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं है। इस योजना में सरकारी बसों के साथ निजी ऑपरेटरों को भी बस संचालन की अनुमति दी जाएगी। निजी बस संचालकों को प्रोत्साहित करने के लिए परमिट नियमों में विशेष छूट देने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा जाएगा।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली 1998 में संशोधन और परिवहन निगम की बसों पर लगाए गए अतिरिक्त कर को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। अगर इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो ग्रामीण इलाकों में यातायात की सुविधाएं काफी बेहतर हो सकती हैं और लोगों को रोजमर्रा के सफर में बड़ी राहत मिलेगी।
![]()
Comments are off for this post.