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यूपी सरकार का बड़ा निवेश प्लान, GCC नीति से युवाओं को मिलेगा रोजगार

यूपी सरकार का बड़ा निवेश प्लान: GCC नीति-2024 की SOP-2025 को मंज़ूरी उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में निवेश और
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यूपी सरकार का बड़ा निवेश प्लान: GCC नीति-2024 की SOP-2025 को मंज़ूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। सरकार ने ग्लोबल क्षमता केंद्र (GCC) नीति-2024 के तहत तैयार की गई SOP-2025 को मंज़ूरी दे दी है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य राज्य में बड़े निवेश को आकर्षित करना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।

ग्लोबल क्षमता केंद्र, यानी GCC, ऐसी आधुनिक इकाइयाँ होती हैं जहाँ बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ अपने तकनीकी, आईटी, रिसर्च, डेटा एनालिसिस, फाइनेंस और बैक-ऑफिस से जुड़े काम करती हैं। अब तक ऐसे केंद्र ज्यादातर बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम जैसे शहरों में थे, लेकिन यूपी सरकार चाहती है कि उत्तर प्रदेश भी इस क्षेत्र में एक बड़ा हब बने।

SOP-2025 के मंज़ूर होने से अब निवेशकों को साफ दिशा-निर्देश मिलेंगे। इसमें बताया गया है कि कोई भी कंपनी कैसे यूपी में GCC स्थापित कर सकती है, उसे किन-किन नियमों का पालन करना होगा और सरकार की ओर से उन्हें क्या-क्या सुविधाएँ मिलेंगी। इससे निवेशकों में भरोसा बढ़ेगा और फैसले जल्दी लिए जा सकेंगे।

इस नीति के तहत सरकार कंपनियों को कई तरह की सुविधाएँ और छूट देगी। इनमें जमीन आवंटन में मदद, सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए जल्दी मंज़ूरी, टैक्स में छूट, बिजली और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं में सहयोग शामिल है। इससे कंपनियों की लागत कम होगी और वे यूपी में निवेश के लिए प्रेरित होंगी।

युवाओं के लिए यह योजना बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। GCC के जरिए आईटी, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, अकाउंटिंग, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नौकरियाँ पैदा होंगी। इससे पढ़े-लिखे युवाओं को अपने ही राज्य में अच्छे अवसर मिल सकेंगे और उन्हें दूसरे शहरों या राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा।

सरकार का मानना है कि इस नीति से न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। विदेशी और बड़ी भारतीय कंपनियों के आने से राज्य में तकनीक, कौशल और आधुनिक कार्य संस्कृति का विकास होगा। साथ ही छोटे-मोटे उद्योगों और स्टार्टअप्स को भी इन बड़े केंद्रों से काम मिलने की संभावना बढ़ेगी।

इस निवेश प्लान का एक और फायदा यह है कि इससे शहरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों का भी विकास होगा। सरकार चाहती है कि लखनऊ, नोएडा, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहर भी GCC के प्रमुख केंद्र बनें, जिससे विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे।

कुल मिलाकर, GCC नीति-2024 की SOP-2025 को मंज़ूरी देना यूपी सरकार का एक दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। अगर इसे सही तरीके से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

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