Last updated: December 30th, 2025 at 02:41 pm

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर एक अहम फैसला लिया गया है। राज्य में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया गया है। अब नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 6 जनवरी को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद आम लोगों को 6 फरवरी तक आपत्ति दर्ज कराने और सुधार करवाने का मौका मिलेगा। चुनाव आयोग के इस फैसले का मकसद यह है कि किसी भी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से न छूटे और सूची अधिक सटीक बनाई जा सके।
मतदाता सूची किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव होती है। इसी सूची के आधार पर तय होता है कि कौन व्यक्ति चुनाव में वोट डाल सकता है। अगर किसी योग्य व्यक्ति का नाम सूची में नहीं होता, तो वह अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित रह जाता है। इसी वजह से समय-समय पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाता है, ताकि नए मतदाताओं को जोड़ा जा सके और गलत या फर्जी नाम हटाए जा सकें।
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में यह प्रक्रिया और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। यहां करोड़ों मतदाता हैं और हर चुनाव में बड़ी संख्या में नए युवा 18 साल की उम्र पूरी कर वोटर बनते हैं। साथ ही कई लोग एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट हो जाते हैं, जिनका पता या विधानसभा क्षेत्र बदल जाता है। ऐसे में समय सीमा बढ़ाने का फैसला लोगों को राहत देने वाला माना जा रहा है।
नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद आम नागरिक अपने नाम, उम्र, पता और फोटो की जांच कर सकेंगे। अगर किसी का नाम छूट गया है, नाम में गलती है या पता गलत दर्ज है, तो वह तय समय के भीतर आवेदन देकर सुधार करवा सकता है। इसी तरह अगर किसी मृत व्यक्ति या फर्जी नाम की जानकारी मिलती है, तो उस पर भी आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
चुनाव आयोग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाएं। बूथ लेवल अधिकारी लोगों की मदद करेंगे और ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। खास तौर पर ग्रामीण इलाकों, बुजुर्गों और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं पर ध्यान देने को कहा गया है।
राजनीतिक दल भी इस प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि मतदाता सूची का सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ता है। हर पार्टी चाहती है कि उसके समर्थक मतदाताओं के नाम सूची में सही तरीके से दर्ज हों। इसी कारण वोटर लिस्ट अपडेट को चुनाव से पहले बेहद संवेदनशील और अहम काम माना जाता है।
कुल मिलाकर, यूपी में वोटर लिस्ट अपडेट की तारीख बढ़ाना एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे ज्यादा लोगों को अपनी जानकारी सही करवाने का मौका मिलेगा और आने वाले चुनावों में पारदर्शिता बढ़ेगी। चुनाव आयोग की यह कोशिश लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक जरूरी पहल के रूप में देखी जा रही है।
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