Last updated: July 17th, 2026 at 10:16 am

बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर बढ़ती हलचल के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी की मौजूदा स्थिति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे के बाद उन्होंने दावा किया कि पार्टी में बढ़ते असंतोष की एक बड़ी वजह नेतृत्व की सक्रियता का अभाव है।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार में महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियां और उपचुनाव चल रहे हैं, लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सार्वजनिक रूप से सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी सरकार को घेरने और जनता के मुद्दों को उठाने की होती है।
कुशवाहा ने यह भी कहा कि किसी भी नेता को निजी कार्यक्रमों की स्वतंत्रता है, लेकिन सार्वजनिक पद पर रहने वाले व्यक्ति की जनता के प्रति जवाबदेही भी होती है। उनके अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में आरजेडी के भीतर जो घटनाक्रम सामने आ रहे हैं, वे नेतृत्व की निष्क्रियता की ओर संकेत करते हैं।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख ने आरोप लगाया कि आरजेडी के कई नेता पार्टी से दूरी बना रहे हैं और संगठन के भीतर असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे पार्टी के लिए चिंताजनक स्थिति बताया।
गौरतलब है कि हाल ही में आरजेडी के वरिष्ठ प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद बिहार की राजनीति में आरजेडी की आंतरिक स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर आरजेडी की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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