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चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर लगेगा शुल्क

देहरादून न्यूज/ उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से प्रारंभ हो रही है। यात्रा को सुव्यवस्थित और
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देहरादून न्यूज/ उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से प्रारंभ हो रही है। यात्रा को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार ऑनलाइन पंजीकरण पर न्यूनतम शुल्क लागू करने का निर्णय लिया है। शुल्क की अंतिम दर समिति की संस्तुति के बाद घोषित की जाएगी।

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    समिति करेगी शुल्क पर अंतिम निर्णय

    मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय की पहल पर अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो पंजीकरण शुल्क और अन्य व्यावहारिक पहलुओं पर रिपोर्ट देगी। समिति की अनुशंसा मिलते ही एक-दो दिन के भीतर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। प्रशासन का कहना है कि कई यात्री ऑनलाइन स्लॉट बुक कर यात्रा पर नहीं पहुंचते, जिससे दर्शन स्लॉट फुल दिखाई देते हैं और वास्तविक श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। इसी समस्या के समाधान के लिए न्यूनतम शुल्क का प्रस्ताव लाया गया है।

    यात्रियों की संख्या पर नहीं होगी सीमा

    होटल एसोसिएशन की मांग पर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी। हालांकि, प्रत्येक यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। फर्जी या अनावश्यक बुकिंग रोकने के लिए शुल्क व्यवस्था लागू की जाएगी। वहीं टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन और संयुक्त रोटेशन की बैठक में निर्णय लिया गया कि यात्रा में स्थानीय वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। डग्गामार वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, जिन होटलों में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी, उन्हीं परिसरों में वाहनों की पार्किंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।

     कपाट खुलने की तिथियां

    19 अप्रैल से गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम, 22 अप्रैल से केदारनाथ धाम, 23 अप्रैल से बदरीनाथ धाम। परंपरा के अनुसार गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षय तृतीया पर खुलते हैं, जबकि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की तिथियां क्रमशः महाशिवरात्रि और वसंत पंचमी के दिन निर्धारित की जाती हैं। प्रशासन का दावा है कि इस वर्ष यात्रा की तैयारियां व्यापक स्तर पर की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिल सके।

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