Last updated: April 4th, 2026 at 01:11 pm

मोतिहारी में आयोजित दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक और आध्यात्मिक परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस भूमि ने बौद्ध, जैन और समाजवादी विचारधाराओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ने विश्व इतिहास को नई दिशा देने का काम किया है।
चंपारण ने गांधी को बनाया महात्मा
उपराष्ट्रपति ने कहा कि चंपारण की भूमि ने महात्मा गांधी को जननेता के रूप में स्थापित किया। मोहनदास करमचंद गांधी से महात्मा बनने की उनकी यात्रा में चंपारण सत्याग्रह का विशेष योगदान रहा, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।
बुद्ध और नालंदा का महत्व
उन्होंने बताया कि गौतम बुद्ध को बिहार की धरती पर ज्ञान की प्राप्ति हुई। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कभी वैश्विक शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है और इसे पुनर्जीवित करने के प्रयास जारी हैं।
भारत की स्थिरता और आर्थिक प्रगति
उपराष्ट्रपति ने भारत को दुनिया के सबसे स्थिर देशों में से एक बताते हुए कहा कि देश आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तीसरे स्थान की ओर तेजी से अग्रसर है।
नई शिक्षा नीति और तकनीक पर जोर
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूरी तरह लागू किया है। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे क्षेत्र देश में नवाचार और विकास के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं।
छात्रों को जिम्मेदारी का संदेश
दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान की भी सराहना की। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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