Human Live Media

HomeNewsयोगी सरकार का बड़ा ऐलान, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़कर हुआ ₹12 हजार; सहायिकाओं को भी मिली राहत

योगी सरकार का बड़ा ऐलान, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़कर हुआ ₹12 हजार; सहायिकाओं को भी मिली राहत

अयोध्या पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। नियुक्ति-पत्र
yogi_ayo_1788838173200_df6799c3-6e16-45f6-ac62-8c04ac4316d4_1788838176755_333fd0fc-ed3b-4352-900f-87caa94f9033_16d8d52c-c264-40c9-9e1b-827fa5e03642_f32d60dd-2734-4739-8e44-a5cbacd26100

अयोध्या पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मासिक मानदेय में 50 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की। अब उन्हें ₹8,000 की जगह ₹12,000 प्रति माह मानदेय मिलेगा। वहीं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 करने का ऐलान किया गया है।

Table of Contents

    हर साल मिलेगा ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए स्वास्थ्य सुविधा का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सभी को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। यह सुविधा सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और इम्पैनल्ड अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएगी।

    पहले ₹3 हजार था आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय

    सीएम योगी ने कहा कि पहले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सिर्फ ₹3,000 प्रतिमाह मानदेय मिलता था, जिसे उनकी सरकार ने बढ़ाकर ₹8,000 किया था। अब इसे बढ़ाकर ₹12,000 किया जा रहा है। इसी तरह सहायिकाओं का मानदेय पहले ₹1,500 था, जिसे बढ़ाकर ₹4,000 किया गया और अब ₹6,000 किया जा रहा है।

    2017 से पहले की व्यवस्था पर भी सीएम योगी ने साधा निशाना

    अयोध्या में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि करीब नौ साल पहले आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था खराब थी और पोषाहार वितरण में अनियमितताओं का बोलबाला था। सीएम ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर माफिया के प्रभाव के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था प्रभावित होती थी और इसका खामियाजा कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ता था।

    बच्चों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने का किया दावा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले छोटे बच्चों को कई बार अपना टाट लेकर आना पड़ता था। उनके मुताबिक, केंद्रों पर पेयजल और गुणवत्तापूर्ण पोषाहार जैसी सुविधाओं की भी कमी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली राशि का भी राज्य में सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जाता था।

    Loading

    Comments are off for this post.