Last updated: November 1st, 2026 at 03:05 pm

उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया। गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अदालत के आदेश के बाद उन्हें गाजियाबाद की डासना जिला जेल ले जाया गया। खास बात यह है कि आजम खान शनिवार शाम करीब 11 महीने बाद रामपुर जेल से बाहर आए थे, लेकिन रिहाई के कुछ ही मिनट बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर लिया था।
आजम खान की गिरफ्तारी उस समय हुई, जब वह अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर जिला जेल से बाहर निकले थे। दोनों को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी। अदालत ने 29 अक्टूबर को उनकी सजा पर रोक लगाई थी, जिसके बाद शनिवार शाम उनकी जेल से रिहाई हुई। हालांकि, जेल के बाहर पहुंचते ही ईडी की टीम ने आजम खान को अपने कब्जे में ले लिया। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को इस मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया और उन्हें घर जाने की अनुमति दी गई।
ईडी ने आजम खान को रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय और उससे जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के कथित वित्तीय लेनदेन की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। एजेंसी लंबे समय से विश्वविद्यालय के निर्माण, जमीन की खरीद और उसमें इस्तेमाल की गई धनराशि के स्रोत की जांच कर रही है। जांच एजेंसी का आरोप है कि विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया और वित्तीय लेनदेन के जरिए धन शोधन किया गया। हालांकि, ये आरोप हैं और इन पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
गिरफ्तारी के बाद ईडी अधिकारी आजम खान को पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित एजेंसी के कार्यालय ले गए। वहां उनसे विश्वविद्यालय के निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन के बारे में सवाल पूछे गए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ के दौरान उनसे 50 से अधिक सवाल किए गए। जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल हुई रकम कहां से आई, किन लोगों या संस्थाओं ने धन उपलब्ध कराया और संबंधित लेनदेन में किनकी भूमिका रही।
पूछताछ के दौरान आजम खान ने सीने और पेट में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद ईडी और सुरक्षा कर्मियों की टीम उन्हें दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर गई। चिकित्सकीय जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए अनुमति दी, जिसके बाद उन्हें वापस ईडी कार्यालय लाया गया।
रविवार सुबह ईडी ने आजम खान को कड़ी सुरक्षा के बीच गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया। अदालत परिसर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। ईडी की ओर से उनके खिलाफ जांच जारी रखने और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सवालों के जवाब हासिल करने की आवश्यकता बताई गई। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें डासना जिला जेल में रखा गया।
अदालत में पेशी के दौरान जब पत्रकारों ने आजम खान से पूछा कि क्या वह कुछ कहना चाहेंगे, तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, ‘अब क्या रह गया है बोलने को।’ उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई।
ईडी की कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि आजम खान को जेल से बाहर आने के तुरंत बाद गिरफ्तार करना राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। वहीं, भाजपा नेताओं ने जांच एजेंसी की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को जांच से ऊपर नहीं माना जा सकता।
इस मामले में जौहर विश्वविद्यालय की संपत्तियां भी जांच के दायरे में हैं। ईडी ने 28 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से जब्त करने का आदेश जारी किया था। एजेंसी के अनुसार, इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य लगभग 1,170 करोड़ रुपये है। ईडी का आरोप है कि विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन का इस्तेमाल कथित अनियमितताओं के जरिए किया गया। आजम खान और उनके सहयोगियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच अभी जारी है।
आजम खान की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। समाजवादी पार्टी के लिए आजम खान पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण नेता माने जाते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ हुई कार्रवाई का राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।
अदालत के आदेश के बाद आजम खान अगले 14 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच आगे बढ़ेगी और आने वाले दिनों में अदालत में होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।
![]()
Comments are off for this post.