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बिहार में BPSC ने असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,711 पदों की भर्ती रद्द की, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद फैसले से अभ्यर्थियों को झटका

  बिहार में सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को बड़ा
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    बिहार में सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर (स्पेशियलिटी) के कुल 1,711 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। आयोग ने 30 अक्टूबर को इस संबंध में सूचना जारी की। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब भर्ती प्रक्रिया आवेदन और दस्तावेज सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण चरणों से गुजर चुकी थी। इससे उन उम्मीदवारों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने लंबे समय से इस नियुक्ति का इंतजार किया था।

     

    BPSC की ओर से जारी सूचना के अनुसार, विज्ञापन संख्या 04/2025 से 28/2025 तक के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग, बिहार के चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों में असिस्टेंट प्रोफेसर के नियमित पदों पर नियुक्ति के लिए प्रकाशित विज्ञापनों को रद्द किया गया है। आयोग ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले भेजी गई अधियाचना वापस लिए जाने के कारण यह निर्णय लिया गया है। संशोधित अधियाचना के आधार पर नए विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

     

    इन 1,711 पदों पर भर्ती बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञताओं के लिए होनी थी। इसमें एनेस्थीसिया, जनरल मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी सहित कई विभाग शामिल थे। इन पदों को भरने का उद्देश्य सरकारी मेडिकल संस्थानों में शिक्षकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करना था।

     

    इन पदों के लिए मूल भर्ती विज्ञापन अप्रैल 2025 में जारी किए गए थे। शुरुआत में आवेदन की अंतिम तारीख 7 मई 2025 निर्धारित की गई थी। हालांकि, कुछ विशेषज्ञता वाले विभागों में कम आवेदन आने के कारण आवेदन की समयसीमा बढ़ाई गई थी। कुछ पदों के लिए उम्मीदवारों को 30 जून 2025 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया था। इसके बाद आयोग ने भर्ती से जुड़ी आगे की प्रक्रियाएं शुरू की थीं।

     

    मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस भर्ती की प्रक्रिया जुलाई 2025 में दस्तावेज सत्यापन के चरण तक पहुंच गई थी। ऐसे में विज्ञापन रद्द होने से उन अभ्यर्थियों को विशेष निराशा हुई है, जिन्होंने आवेदन करने के बाद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली थी। उम्मीदवारों को अब नए विज्ञापन का इंतजार करना होगा। आयोग ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि पुराने आवेदनों को नई भर्ती में मान्यता दी जाएगी या अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन करना पड़ेगा।

     

    इस फैसले के बाद अभ्यर्थियों के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नए विज्ञापन में भी पदों की संख्या 1,711 ही रहेगी या स्वास्थ्य विभाग संशोधित अधियाचना में रिक्तियों की संख्या बदल सकता है। इसके अलावा विशेषज्ञता के अनुसार पदों का बंटवारा, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव की शर्तें, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया में भी बदलाव हो सकता है।

     

    BPSC ने अपनी सूचना में नए विज्ञापनों के प्रकाशन की प्रक्रिया जारी होने की बात कही है, लेकिन इसके लिए कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। इसलिए उम्मीदवारों को फिलहाल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर आने वाली सूचनाओं का इंतजार करना होगा। नई अधियाचना मिलने के बाद ही आयोग भर्ती का नया कार्यक्रम और आवेदन की तारीखें स्पष्ट कर सकेगा।

     

    इस भर्ती में मेडिकल क्षेत्र से जुड़े ऐसे उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनके पास संबंधित विषय में स्नातकोत्तर चिकित्सा डिग्री और निर्धारित अनुभव जैसी योग्यताएं थीं। हालांकि, ये शर्तें पुराने विज्ञापनों के अनुसार थीं। नई भर्ती में पात्रता की अंतिम शर्तें संशोधित विज्ञापन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी। उम्मीदवारों को पुराने नोटिफिकेशन के आधार पर नई भर्ती की योग्यता या रिक्तियों के बारे में कोई अंतिम अनुमान नहीं लगाना चाहिए।

     

    भर्ती रद्द होने का असर केवल अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है। बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की उपलब्धता और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता भी इन नियुक्तियों से जुड़ी हुई है। लंबे समय तक पद खाली रहने से मेडिकल छात्रों की पढ़ाई, विभागों के संचालन और अस्पतालों की शैक्षणिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसलिए नई भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू करना राज्य के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

     

    फिलहाल BPSC ने पुराने विज्ञापन संख्या 04/2025 से 28/2025 तक की भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है और संशोधित अधियाचना के आधार पर नए विज्ञापन जारी करने की तैयारी की जा रही है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर रखें। नई अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह साफ होगा कि 1,711 पदों की संख्या बरकरार रहेगी या उसमें बदलाव किया जाएगा और पहले आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को आगे क्या प्रक्रिया अपनानी होगी।

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