Last updated: June 30th, 2026 at 06:04 pm

दिल्ली में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) अभियान के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनाव आयोग से पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित कारण के सूची से न हटाया जाए।
आप नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी प्रत्येक प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना रहना बेहद आवश्यक है। उनका कहना है कि विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान सभी नियमों और कानूनी प्रावधानों का पूरी तरह पालन होना चाहिए, ताकि किसी भी नागरिक के मतदान के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे बूथ स्तर पर सक्रिय रहकर मतदाताओं की सहायता करें। कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे लोगों को अपना नाम मतदाता सूची में जांचने, आवश्यक संशोधन कराने और यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के लिए जागरूक करें। पार्टी का कहना है कि मतदाता जागरूकता लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने यह भी कहा कि राजधानी में बड़ी संख्या में ऐसे नागरिक हैं जिन्होंने हाल के वर्षों में अपना निवास स्थान बदला है। ऐसे लोगों के नाम सही तरीके से मतदाता सूची में दर्ज हों, इसके लिए विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। पार्टी का मानना है कि पारदर्शी और विश्वसनीय मतदाता सूची ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव का आधार बन सकती है।
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव आयोग निर्धारित नियमों के अनुसार अपना कार्य कर रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि विशेष पुनरीक्षण अभियान एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य केवल मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक राजनीतिक विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
चुनाव आयोग ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मतदाता विवरण की जांच करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो समय रहते उसका सुधार कराएं। आयोग के अनुसार बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं और सभी पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण स्वाभाविक रूप से राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाता है। सभी प्रमुख दल यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके समर्थकों के नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहें और किसी भी प्रकार की प्रशासनिक त्रुटि न हो। यही कारण है कि इस प्रक्रिया पर लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदान करना जितना आवश्यक है, उतना ही जरूरी उसका नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज होना भी है। इसलिए मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में पारदर्शिता, समयबद्धता और नागरिकों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
आम आदमी पार्टी द्वारा पारदर्शिता की मांग उठाए जाने के बाद दिल्ली में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों और राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर सभी की नजर बनी रहेगी।
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