Last updated: July 2nd, 2026 at 05:09 pm

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के स्थापना दिवस से पहले पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आरजेडी का राजनीतिक सफर संघर्ष, सामाजिक न्याय और जनता के भरोसे पर आधारित रहा है तथा पार्टी आगे भी इसी विचारधारा के साथ काम करती रहेगी। उनके इस संदेश को आगामी चुनावों की तैयारी और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
पटना स्थित पार्टी कार्यालय में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। लालू प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि पार्टी ने कठिन राजनीतिक परिस्थितियों का सामना किया है, लेकिन हर चुनौती का मुकाबला लोकतांत्रिक तरीके से किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें तथा आम लोगों के मुद्दों को प्राथमिकता दें।
अपने संदेश में लालू प्रसाद यादव ने कहा कि पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखना और उनकी समस्याओं को उठाना ही किसी भी राजनीतिक दल की वास्तविक पहचान होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने और संगठन की एकजुटता पर विशेष ध्यान देने की अपील भी की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थापना दिवस से पहले इस प्रकार का संदेश केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं होता, बल्कि यह पार्टी की आगामी राजनीतिक दिशा का संकेत भी देता है। बिहार में चुनावी गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं और ऐसे समय में सभी दल अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में जुटे हैं। आरजेडी भी इसी रणनीति के तहत संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क अभियान तेज करने की अपील की। नेताओं ने कहा कि रोजगार, शिक्षा, किसानों के मुद्दे, महंगाई और सामाजिक न्याय जैसे विषयों को लेकर पार्टी जनता के बीच जाएगी। उनका दावा है कि आने वाले महीनों में संगठनात्मक गतिविधियों को और गति दी जाएगी।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ एनडीए भी बिहार में अपने संगठन को मजबूत करने और विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने में जुटा हुआ है। ऐसे में राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी-अपनी रणनीति पर तेजी से काम कर रहे हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आने वाले समय में बिहार में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े राजनीतिक दल के लिए स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं होता, बल्कि संगठन की ताकत दिखाने और कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा देने का अवसर भी होता है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से दल अपने राजनीतिक एजेंडे और भविष्य की योजनाओं का संदेश भी जनता तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं।
लालू प्रसाद यादव के इस संदेश को आरजेडी के चुनावी अभियान की शुरुआती तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में पार्टी स्थापना दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित कर सकती है, जिनमें संगठन विस्तार और राजनीतिक रणनीति पर विशेष जोर रहने की संभावना है। बिहार की राजनीति में इस घटनाक्रम पर सभी प्रमुख दलों की नजर बनी हुई है।
![]()
Comments are off for this post.