Last updated: July 2nd, 2026 at 04:45 pm

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है। चुनाव आयोग द्वारा 30 जुलाई को मतदान की घोषणा के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इसी बीच जन सुराज पार्टी ने घोषणा की है कि वह 5 जुलाई को अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान करेगी। पार्टी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव मैदान में उतरेंगे या किसी अन्य नेता को उम्मीदवार बनाया जाएगा। इसी वजह से राजनीतिक गलियारों में इस सीट को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।
बांकीपुर सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद रिक्त हुई है। ऐसे में इस उपचुनाव को केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव के नतीजे आगामी राजनीतिक समीकरणों पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।
जन सुराज पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने कहा है कि उम्मीदवार के चयन पर अंतिम निर्णय पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में लिया जाएगा। पार्टी का दावा है कि वह ऐसा उम्मीदवार उतारेगी जो स्थानीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से जनता के सामने रख सके। हालांकि प्रशांत किशोर के संभावित चुनाव लड़ने को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इसे लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं।
दूसरी ओर भाजपा भी इस सीट को अपने कब्जे में बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर रही है। पार्टी संगठन चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटा हुआ है और स्थानीय स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार के विकास कार्य और संगठन की मजबूती के आधार पर पार्टी एक बार फिर जनता का विश्वास हासिल करेगी।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और अन्य विपक्षी दल भी इस उपचुनाव को गंभीरता से ले रहे हैं। माना जा रहा है कि उम्मीदवारों की घोषणा के बाद चुनाव प्रचार और राजनीतिक बयानबाजी में तेजी आएगी। सभी दल इस सीट को प्रतिष्ठा का प्रश्न मानकर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, बांकीपुर शहरी क्षेत्र की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, जहां विकास, रोजगार, बुनियादी सुविधाएं और स्थानीय प्रशासन जैसे मुद्दे चुनाव में प्रमुख रह सकते हैं। इसके साथ ही राज्य की व्यापक राजनीतिक स्थिति और विभिन्न दलों की संगठनात्मक ताकत की भी इस चुनाव में परीक्षा होगी।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना की जाएगी। नामांकन प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है, जिसके बाद उम्मीदवारों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आएगी, राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
सबसे अधिक चर्चा जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार को लेकर हो रही है। यदि प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो यह उनका पहला प्रत्यक्ष विधानसभा चुनाव होगा और मुकाबला और भी दिलचस्प हो सकता है। वहीं यदि पार्टी किसी अन्य उम्मीदवार को उतारती है, तब भी बांकीपुर उपचुनाव बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में से एक माना जा रहा है।
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