Last updated: July 27th, 2026 at 01:35 pm

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 60 से अधिक जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होने की भी आशंका है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने और फसल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
राजधानी लखनऊ सहित कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बरेली, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, झांसी और आसपास के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। स्थानीय प्रशासन को संभावित बाढ़ और जलनिकासी की समस्याओं से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। राहत और बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। नगर निगमों और स्थानीय निकायों को जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी करने तथा नालियों और जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित होने की भी संभावना है। कई प्रमुख शहरों में सुबह और शाम के समय ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे तेज बारिश के दौरान वाहन धीमी गति से चलाएं, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और जलभराव वाले मार्गों से गुजरने से बचें।
मौसम विभाग ने वज्रपात को लेकर भी विशेष चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं जानलेवा हो सकती हैं। ऐसे में खराब मौसम के दौरान मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाने, खुले खेतों में काम करने और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। यदि बिजली चमकने की स्थिति हो तो सुरक्षित भवन या पक्के आश्रय स्थल में शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है।
लगातार बारिश का असर रेल और सड़क परिवहन पर भी पड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में जलभराव के कारण यातायात की रफ्तार धीमी होने की आशंका है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की सक्रियता के चलते आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी। हालांकि, अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में बाढ़, जलभराव और फसलों को नुकसान होने का खतरा भी बना रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को बारिश के मौसम में स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने तथा आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है।
IMD की चेतावनी के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में प्रशासन सतर्क है। मौसम विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर नए अपडेट जारी किए जा रहे हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से सुरक्षित रहा जा सके।
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